Medically reviewed by Dr. Dilip Singh Chawda
डॉ दिलीप सिंह चावड़ा, चेस्ट स्पेशलिस्ट
असिस्टेंट प्रोफेसर, एमजीएम मेडिकल कॉलेज एंड एमवाय ग्रुप
डिग्री- एम.बी.बी.एस, डी.टी.सी.डी, डी.एन.बी
अनुभव- 7 वर्ष
इन दिनों कोरोना से पीड़ित मरीजों में ब्लैक फंगस के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। कोरोना की पहली लहर में जहां ऐसा कोई मामला नहीं था, वहीं दूसरी लहर में पिछले कुछ दिनों में यह मामले अचानक सामने आए। जहां कोरोना से पीड़ित मरीज पहले ही लक्षणों से परेशान रहता है, ऐसे में ब्लैक फंगस हो जाने पर मरीज की परेशानियां और भी बढ़ जाती हैं। ब्लैक फंगस होने के कई सारे कारण हो सकते हैं। जिसमें कि कुछ कारण बहुत ही सामान्य हैं जिनपर कि मरीज अक्सर ध्यान तक दे नहीं पाते हैं। अगली स्लाइड्स से जानिए ब्लैक फंगस के लक्षण, कारण और इससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी।
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बीमारी से लड़ना मुश्किल होता जाता है
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डायबिटीज के मरीजों को अधिक है खतरा
ब्लैक फंगस का खतरा मधुमेह के मरीजों को अधिक है। डॉ दिलीप चावड़ा बताते हैं कि वे पिछले दिनों में 5 से 6 मामले देख चुके हैं। जो मरीज साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखते। गंदा या गीला मास्क लगाते हैं, उन्हें भी इस बीमारी का खतरा अधिक है। कोरोना के साथ ब्लैक फंगस हो जाने पर मरीज का शरीर और भी खराब हो जाता है और ऐसे में उसके लिए बीमारी से लड़ना मुश्किल होता जाता है।
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इसका उपचार समय और धीरज दोनों लेता है
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एंटी फंगल से होता है उपचार
ब्लैक फंगस होने पर मरीज की आंखों में जलन, लालपन, आंखों का बाहर की ओर निकल जाना, देखने की क्षमता में अंदर आदि लक्षण देखे जाते हैं। कई बार तो मरीज खुद समझ नहींं पाता है कि उसे क्या हो रहा है। ब्लैक फंगस के उपचार के लिए चिकित्सक एंपो- टिसिन बी और अन्य एंटी फंगल दिये जाते हैं। इसका उपचार समय और धीरज दोनों लेता है और इसमें अलग-अलग विशेषज्ञों की राय ली जाती है।
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अपने नाक और गले को साफ रखें।
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कोरोना के मरीज इन बातों के प्रति रहें सावधान
डॉ चावड़ा बताते हैं कि कोरोना के मरीज कुछ बातों का ध्यान यदि रख लें तो ब्लैक फंगस होने की संभावना कम हो जाती है। अपने नाक और गले को साफ रखें। गंदा मास्क या गंदा कपड़ा आदि का नाक पर इस्तेमाल न करें। मास्क को धूप में सूखाकर फिर ही पहनें ताकि उसकी नमी ठीक तरह से चली जाए। शुगर को कंट्रोल में रखें और अपने आसपास या जिस जगह आप आइसोलेट हुए हैं वहां भी सफाई का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।
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मरीज के परिजन भी इस विषय में चिकित्सक से बात करते रहें
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स्टेरॉयड लेने वाले रखें विशेष ख्याल
यदि आपको कोरोना के ट्रीटमेंट में स्टेरॉयड दिया जा रहा है तब तो आपको ध्यान रखना और भी ज्यादा जरूरी है कि क्योंकि ब्लैक फंगस होने की संभावनाएं उन मरीजों में अधिक बन रही है जिन्हें स्वस्थ होने के लिए स्टेरॉयड दिया जा रहा है। चिकित्सक तो इस बात का ध्यान रख ही रहे हैं पर बहुत जरूरी है कि मरीज के परिजन भी इस विषय में चिकित्सक से बात करते रहें।