शरीर के अंगों को बेहतर तरीके से काम करते रहने के लिए नियमित रूप से कई प्रकार के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। आमतौर पर स्वस्थ भोजन के माध्यम से इसकी आसानी से पूर्ति की जा सकती है, हालांकि विटामिन्स और खनिजों की कमी के कारण कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं के विकसित होने का जोखिम देखा गया है, ऐसी स्थिति में पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए डायट्री सप्लीमेंट्स के सेवन की सलाह दी जाती है। हालांकि अध्ययनों में पाया गया है कि इस प्रकार के सप्लीमेंट्स को स्वस्थ विकल्प नहीं माना जा सकता है, सप्लीमेंट्स का अधिक सेवन कैंसर जैसी बीमारियों के खतरे को भी बढ़ा सकता है।
सावधान: डायट्री सप्लीमेंट्स पोषण का स्वस्थ विकल्प नहीं, इससे कैंसर तक का खतरा, अध्ययनकर्ताओं ने चेताया
सप्लीमेंट्स के अधिक सेवन से नुकसान
विश्वविद्यालय में रसायन शास्त्र के एसोसिएट प्रोफेसर एलेना गौन के नेतृत्व में शोधकर्ताओं की टीम ने यह अध्ययन किया। इसमें पाया गया है कि एनआर की अधिकता न केवल ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर के विकास के जोखिम को बढ़ा देती है, बल्कि कैंसर के मस्तिष्क तक में भी फैलने का खतरा हो सकता है। इस तरह की स्थिति घातक भी हो सकती है, जिसके खतरे को लेकर विशेष अलर्ट रहने की आवश्यकता होती है। सभी लोगों को आहार पूरकों के कारण होने वाले जोखिमों को लेकर सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
अध्ययन में क्या पता चला?
प्रोफेसर गौन के पिता की मृत्यु कोलन कैंसर का निदान होने के तीन महीने के भीतर हो गई थी। वह भी निकोटिनमाइड राइबोसाइड (एनआर) जैसे विटामिन सप्लीमेंट्स का सेवन कर रहे थे। कैंसर के विकास और प्रसार में एनआर की भूमिका की जांच के उद्देश्य के साथ यह अध्ययन किया गया।
कई स्तर पर किए गए जांच के बाद प्राप्त परिणाम के आधार पर शोधकर्ता बताते हैं, जिन लोगों को पहले से ही किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या है ऐसे लोगों में एनआर जैसे पूरकों के संभावित दुष्प्रभावों का खतरा अधिक हो सकता है। डॉक्टर्स को भी इसके जोखिमों के बारे में विशेष सावधानी बरतते रहने की जरूरत है।
क्या है विशेषज्ञों की सलाह?
अध्यनकर्ता प्रोफेसर गौन कहते हैं, अक्सर ज्यादातर लोग खुद से ही सप्लीमेंट्स का सेवन शुरू कर देते हैं, लोगों का मानना होता है कि विटामिन्स और पूरक कैप्सूल्स का सेवन करके वह शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं पर असल में इसके दुष्प्रभावों को लेकर चर्चा की ही नहीं जाती है। सप्लीमेंट्स शरीर में किस प्रकार से काम करते हैं इनपर भी चर्चा नहीं होती है। इस अध्ययन में इससे होने वाले कई प्रकार के जोखिमों के बारे में जानने को मिलता है।
इन बातों का रखें विशेष ख्याल
काउंसिल फॉर रिस्पॉन्सिबल न्यूट्रिशन में वैज्ञानिक एंड्रयू शाओ कहते हैं, यदि आप एक सामान्य मल्टीविटामिन ले रहे हैं, तो इससे ज्यादा घबराने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि आहार पूरकों के बारे में हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें। जरूरी नहीं है कि जो सप्लीमेंट किसी व्यक्ति के लिए फायदेमंद हो, उससे आपको भी लाभ मिले। खुद से ही सप्लीमेंट्स का सेवन न करें, इसके दुष्प्रभावों के बारे में अलर्ट रहना बहुत आवश्यक माना जाता है।
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स्रोत और संदर्भ
A bioluminescent-based probe for in vivo non-invasive monitoring of nicotinamide riboside uptake reveals a link between metastasis and NAD+ metabolism
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