शरीर के तमाम कार्यों के बेहतर ढंग से संचालन में नसों-तंत्रिकाओं की विशेष भूमिका होती है। नसें बिल्कुल उसी तरह से काम करती हैं जैसे बिजली के केबल। ये आपके मस्तिष्क और आपके शरीर के बाकी हिस्सों के बीच विद्युत आवेगों का संचार करती हैं। ये आवेग संवेदनाओं को महसूस करने और शरीर को क्या कार्य करने हैं इसको समझने में मदद करती हैं। सांस लेना, पसीना आने या भोजन को पचाने जैसे कार्यों को भी ठीक बनाए रखनें में इनकी भूमिका होती हैं।
Alert: आपकी नसों में ब्लॉकेज-क्षति का कारण बन सकती है इन विटामिन्स की कमी, कुछ बीमारियों के कारण भी इसका खतरा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विटामिन्स की कमी हो सकती है खतरनाक
अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि शरीर में विटामिन बी या ई की कमी आपकी नसों और आपके शरीर के अन्य भागों को प्रभावित कर सकती है। यदि आप पौष्टिक आहार नहीं खा रहे हों तो इस तरह की समस्याओं का जोखिम हो सकता है। विटामिन बी12 की कमी के कारण पेरिफेरल न्यूरोपैथी की समस्या होना काफी सामान्य है। इस स्थिति में प्रभावित तंत्रिका के प्रकार के आधार पर आपको दर्द, सुन्नता, झुनझुनी, संवेदना की हानि या मांसपेशियों में कमजोरी तक की समस्या हो सकती है। इसके अलावा कुछ बीमारियों के कारण भी नसें प्रभावित हो सकती हैं।
डायबिटिक न्यूरोपैथी की समस्या
रक्त शर्करा के बढ़े रहने के कारण भी आपकी तंत्रिकाओं में क्षति हो सकती है जिसके कारण हाथों और पैरों में सुन्नता या झुनझुनी होना सबसे आम लक्षण है। मधुमेह का उपचार न होने या ब्लड शुगर के लगातार बढ़े रहने की स्थिति आपकी दिक्कतों को और भी बढ़ा सकती है। डायबिटिक न्यूरोपैथी, मधुमेह रोगियों में होने वाली ऐसी ही समस्या है जिसके कारण प्रमुख तंत्रिकाएं और नसें कमजोर हो जाती हैं।
ऑटोइम्यून डिजीज भी हो सकता है कारण
ऑटोइम्यून डिजीज वह समस्याएं होती हैं जिनमें आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली, स्वयं शरीर की ही कोशिकाओं को क्षति पहुंचाने लगती है। इसमें आपकी नसें भी शामिल हैं। ल्यूपस और रुमेटीइड आर्थराइटिस ऐसी ही दिक्कतें हैं। जिन लोगों के परिवार में पहले से ही किसी को ऐसी दिक्कतें रही हों उनमें इसका जोखिम अधिक हो सकता है। ऑटोइम्यून डिजीज, समय के साथ धीरे-धीरे हो सकती हैं या फिर हाल के संक्रमण उन्हें ट्रिगर कर सकते हैं।
शराब पीते हैं तो भी खतरा
शराब सिर्फ लिवर को ही नुकसान नहीं पहुंचाती है इससे आपकी नसों और ऊतकों को भी क्षति हो सकती है। ज्यादा शराब पीने वालों में विटामिन-बी12 और फोलेट जैसे विटामिन की कमी हो सकती है। इन विटामिन की कमी नसों के सामान्य कार्यों में बाधा पहुंचा सकती है। इससे आपके पैरों और हाथों में दर्द-झुनझुनी के साथ कुछ स्थितियों में इन अंगों को हिलाना या उठाना तक कठिन हो जाता है।
----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।