गर्भावस्था, स्त्री के जीवन के सबसे खूबसूरत हिस्सों में से एक होता है, हालांकि यह अवस्था काफी चुनौतीपूर्ण भी मानी जाती है। इस दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव हो रहे होते हैं जिसका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर सीधा असर होता है। इसके अलावा गर्भवती को स्वस्थ और पौष्टिक चीजों के अधिक से अधिक सेवन करने पर जोर दिया जाता है, जिससे उसके और गर्भ में पल रहे शिशु के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकताओं को आसानी से पूरा किया जा सके। हालांकि भारतीय महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान जिस पोषक तत्व की सबसे अधिक कमी रिपोर्ट की जाती रही है, आयरन उसमें से एक है।
सेहत की बात: इस विज्ञापन ने महिलाओं की गंभीर समस्या को लेकर बढ़ाई जागरूकता, आप को भी जरूर जानना चाहिए
गर्भावस्था और आयरन की कमी
गर्भावस्था के दौरान गर्भवती और शिशु दोनों की सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए आयरन के दैनिक सेवन की आवश्यकता होती है। इस चर्चित विज्ञापन के जरिए भी यही समझाने की कोशिश की गई है कि गोद भराई की रस्म में सोने और चांदी पर निवेश करने की बजाय शरीर में आयरन की कमी को पूरा करने वाले उपायों पर जोर दिया जाए। आयरन की कमी के कारण कई प्रकार के गंभीर रोगों के विकसित होने का खतरा रहता है।
गर्भावस्था में आयरन की कमी से होने वाली समस्याएं
आयरन की कमी के संकेत
गर्भावस्था में एनीमिया की स्थिति में शरीर में कई प्रकार के लक्षण देखे जा सकते हैं। इसमें बहुत अधिक थकान, कमज़ोरी, चक्कर आना, सिरदर्द, त्वचा में पीलापन, सांस लेने में कठिनाई जैसी दिक्कतों का अनुभव हो सकता है। हालांकि, ध्यान रखें कि एनीमिया के लक्षण अक्सर सामान्य गर्भावस्था के लक्षणों के समान ही होते हैं। भले ही आपको लक्षण हों या न हों, गर्भावस्था के दौरान एनीमिया की जांच जरूर करनी चाहिए जिससे किसी भी प्रकार की जटिलता से बचाव किया जा सके।
पशु उत्पाद आयरन का सबसे अच्छा स्रोत माने जाते हैं। वहीं यदि आप शाकाहारी हैं तो कई प्रकार के रूट वेजिटेबल्स, विटामिन-सी से भरपूर चीजें आपके लिए फायदेमंद हो सकती हैं। अच्छा पोषण गर्भावस्था के दौरान आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया को रोक सकता है। आयरन के आहार स्रोतों में लीन रेड मीट, पोल्ट्री और मछलियां आपके लिए फायगेमंद हैं। गहरी हरे पत्तेदार सब्जियां, सेम और मटर, चुकंदर आदि का सेवन भी बहुत आवश्यक माना जाता है।
----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।