वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार (1 फरवरी 2025) को केंद्रीय बजट 2025 में देश के विकास को बढ़ावा देने के लिए कई सारी घोषणाएं कीं। इस बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार और विकास पर भी विशेष जोर दिया गया। मेडिकल स्नातक और स्नातकोत्तर सीटें बढ़ाने, 36 जीवन रक्षक दवाओं की बेसिक सीमा शुल्क में छूट देने, मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ सरकार ने बिहार में मखाना बोर्ड बनाने का भी एलान किया है।
Union budget 2025: बिहार में बनेगा मखाना बोर्ड, जानिए इस 'सफेद मेवे' को क्यों माना जाता है सेहत के लिए वरदान
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मखाना के उत्पादन, मार्केटिंग और प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए बिहार में मखाना बोर्ड स्थापित करने की घोषणा की है। कई अध्ययनों में मखाना खाने को सेहत के लिए लाभदायक बताया गया है, आइए जानते हैं कि इससे क्या फायदे होते हैं?
मखाना बोर्ड क्या है?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को अपने बजट भाषण में बिहार में मखाना बोर्ड के गठन की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य राज्य में मखाना उद्योग को बढ़ावा देना है। वित्त मंत्री ने कहा, ये बोर्ड मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रशिक्षित करेगा और उन्हें सभी प्रासंगिक सरकारी योजनाओं तक पहुंच बनाने में मदद करेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि मखाना का उत्पादन बढ़ने से इसकी कीमत में कमी आएगी जिससे आम जन तक 'सेहत का खजाना' माने जाने वाले इस मेवे की पहुंच आसान होगी। सेहत के नजरिए से रोजाना मखाना खाना आपके लिए कई प्रकार से फायदेमंद हो सकता है। आइए इसके फायदे जानते हैं।
पोषक तत्वों का खजाना है मखाना
मखाना को फॉक्स नट या लोटस सीड्स भी कहा जाता है, ये भारतीय खानपान में सदियों से अपनी जगह बनाए हुए है। यह स्वादिष्ट, पौष्टिक और हल्के नाश्ते के रूप में बहुत लोकप्रिय है। मखाना को प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर माना जाता है। ये लो कैलोरी वाला होने के साथ लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला भी होता है जो इसे डायबिटीज और वजन घटाने के लिए फायदेमंद बनाता है। फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होने के कारण इसके सेवन से सेहत को कई प्रकार से लाभ मिल सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं पाचन से लेकर रक्तचाप, हड्डियों और मांसपेशियों की ताकत बनाए रखने के लिए मखाना खाने के विशेष लाभ हैं। ये कई प्रकार के पोषक तत्वों का समृद्ध स्रोत भी है जिसकी हमें नियमित रूप से आवश्यकता होती है।
एंटी-एजिंग गुणों के लिए जाना जाता है मखाना
कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि मखाना में पाए जाने वाले कुछ यौगिकों में शक्तिशाली एंटी-एजिंग गुण होते हैं। अध्ययनों की समीक्षा के अनुसार, मखाने में कई अमीनो एसिड होते हैं जो अपने एंटी-एजिंग गुणों के लिए जाने जाते हैं, जिनमें ग्लूटामाइन, सिस्टीन, आर्जिनिन और मेथियोनीन शामिल हैं। उदाहरण के लिए, ग्लूटामाइन का उपयोग प्रोलाइन का उत्पादन करने के लिए किया जाता है, जो कोलेजन में पाया जाने वाला एक एमिनो एसिड है। त्वचा की नमी और लोच को बढ़ावा देने में इसे फायदेमंद माना जाता रहा है।
डायबिटीज-हार्ट की समस्या में फायदेमंद
डायबिटीज हो या हार्ट के मरीज दोनों के लिए मखाना खाना लाभकारी हो सकता है। पशुओं पर किए गए अध्ययन में पाया गया है कि 4 सप्ताह तक मखाना अर्क खाने से हाई कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर में कमी आ सकती है। इन दोनों को ही हृदय रोगों का कारक माना जाता है। एक अन्य अध्ययन से पता चलता है कि मखाना हार्ट इंजरी के कारण होने वाली समस्याओं को कम करने में भी आपके लिए फायदेमंद है।
लो-ग्लाइसेमिक और लो कैलोरी वाला होने के कारण मखाना खाना डायबिटीज में भी फायदेमंद हो सकता है। इससे शुगर का स्तर बढ़ने का खतरा नहीं रहता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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