Union budget 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शनिवार (1 फरवरी 2025) को लोकसभा में रिकॉर्ड लगातार आठवां बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह बजट विकास की रफ्तार बढ़ाने, समग्र विकास करने, निजी क्षेत्र में निवेश को बढ़ाने, घरेलू संवेदनाओं को मजबूत करने और मध्यम वर्ग की खर्च करने की क्षमता को बढ़ाने की कोशिशों का हिस्सा है।
Union Budget 2025: स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए इस बजट में क्या-क्या रहा खास? यहां जानिए सबकुछ
मेडिकल की सीटें बढ़ाई जाएंगी
वित्तमंत्री ने सीतारमण ने कहा कि 2014 से अब तक मेडिकल की पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए 1.1 लाख मेडिकल स्नातक और स्नातकोत्तर सीटें जोड़ी गई हैं। अगले साल अस्पतालों और कॉलेजों में 10,000 अतिरिक्त सीटें जोड़ी जाएंगी। सरकार अगले 3 साल में सभी जिला अस्पतालों में डेकेयर कैंसर सेंटर की स्थापना की सुविधा प्रदान करेगी। कैंसर और दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित रोगियों को राहत देने के लिए 36 जीवन रक्षक दवाओं को सीमा शुल्क से पूरी तरह छूट दी जाएगी।
कैंसर रोगियों के राहत
वित्तमंत्री ने कैंसर और दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित रोगियों को राहत प्रदान करते हुए, 36 जीवन रक्षक दवाओं की बेसिक सीमा शुल्क से पूरी तरह छूट दे दी है। इसके अलावा 6 अन्य जीवन रक्षक दवाओं को रियायती छूट दी जाएगी। बजट पेश करते हुए वित्तमंत्री ने कहा "रोगियों, विशेष रूप से कैंसर और दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित लोगों को राहत प्रदान करने के लिए मैं 36 जीवन रक्षक दवाओं को पूरी तरह से सीमा शुल्क से छूट देने का प्रस्ताव करती हूं।
सीमा शुल्क में छूट के अलावा, वित्तमंत्री सीतारमण ने हर जिले में कैंसर देखभाल केंद्र स्थापित करने की भी घोषण की है। इस पहल का उद्देश्य रोगियों के लिए गुणवत्तापूर्ण कैंसर उपचार को सहज और आसान बनाना है। इससे न सिर्फ कैंसर का समय रहते निदान आसान होगा साथ ही समय पर उपचार शुरू हो जाने से रोगी की जान बचने की संभावना भी बढ़ जाएंगी।
सरकार ने देश की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के विकास, रखरखाव और सुधार के लिए 95,957.87 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जो वित्त वर्ष 2025 में 86582.48 करोड़ रुपये से अधिक है। सरकार ने दवा उद्योग के लिए PLI हेतु 2,445 करोड़ रुपये भी आवंटित किए हैं।
- आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) को ₹9,406 करोड़ का आवंटन मिला। इसके अलावा सरकार ने प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (पीएमएबीएचआईएम) के लिए ₹4,200 करोड़ आवंटित किए हैं।
- सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) को ₹37,226.92 करोड़ आवंटित किए। राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम को ₹79.6 करोड़ आवंटित किए गए।
मखाना बोर्ड स्थापित करने की घोषणा
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मखाना के उत्पादन, मार्केटिंग और प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए बिहार में मखाना बोर्ड स्थापित करने की घोषणा की है। माना जा रहा है कि यह घोषणा बिहार के किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगी और मखाना बोर्ड के गठन से किसानों को और भी लाभ होगा।
मखाना को सेहत के लिए कई प्रकार से लाभकारा माना जाता रहा है। इसमें कई प्रकार के विटामिन्स और पोषक तत्व होते हैं जिन्हें अध्ययनों में सेहत के लिए लाभकारी बताया गया है। इस फैसले से उम्मीद की जा रही है कि मखाना का उत्पादन बढ़ेगा और ये अपेक्षाकृत सस्ते दाम में लोगों को उपलब्ध हो सकेगा।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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