अधिक वजन या मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है, सभी उम्र के लोग इसका शिकार हो रहे हैं। वजन बढ़ने को सेहत के लिए कई प्रकार से खतरनाक माना जाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि जिन लोगों का वजन अधिक होता है उनमें समय के साथ डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग सहित कई प्रकार की गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को अपने वजन को कंट्रोल में रखने की सलाह देते हैं।
Obesity Risk: बच्चों में बढ़ाता मोटापा बहुत खतरनाक, विशेषज्ञों ने इस आदत को बताया सबसे बड़ा कारण
बच्चों में बढ़ती मोटापा की समस्या को सेहत के लिए काफी गंभीर माना जाता है। अतिरिक्त वजन कम उम्र में ही मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने वाली हो सकती है जिसका क्वालिटी ऑफ लाइफ पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। आइए जानते हैं कि इसके क्या कारण हैं?
मोटापा के मामले में भारतीय बच्चे दूसरे स्थान पर
अमर उजाला ने दिसंबर 2024 में प्रकाशित एक रिपोर्ट में बच्चों में बढ़ते मोटापे की समस्या के बारे में बताया था।
रिपोर्ट के मुताबिक मोटापा से ग्रस्त बच्चों की संख्या के मामले में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर है। एक अनुमान के अनुसार भारत में करीब 8.4% बच्चे मोटपे का शिकार हैं। ये संख्या भविष्य में कई प्रकार की बीमारियों के बढ़ने को लेकर चिंता बढ़ाने वाली हो सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया था कि कुछ दशकों पहले की तुलना में अब बच्चों की शारीरिक सक्रियता काफी कम हो गई है जिसे इस समस्या के लिए सबसे बड़े कारण के रूप में देखा जा रहा है। इसके अलावा बाहर कम खेलना, दौड़-भाग में कमी, आउटडोर गेम्स में न हिस्सा लेना और खान-पान में गड़बड़ी भी इसका कारण हो सकती है।
क्या है बढ़ते मोटापे की मुख्य वजह?
बच्चों में बढ़ते मोटापे के क्या कारण हो सकते हैं? इस संबंध में किए गए अध्ययनों के आधार पर टोरंटो विश्वविद्यालय के शोधकर्ता बताते हैं कि अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड्स के सेवन की आदत बच्चों में अधिक वजन और मोटापे के खतरे को बढ़ाती जा रही है।
जामा ओपन नेटवर्क जर्नल में प्रकाशित शोध के निष्कर्ष में बताया गया है कि कनाडा के बच्चों में मोटापे की समस्या के लिए अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों के सेवन को प्रमुख माना गया है।
अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स क्या होते हैं?
अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स, बहुत ज्यादा संशोधित किए गए खाद्य पदार्थ होते हैं। इनमें नमक, चीनी, फैट और औद्योगिक रसायनों की अधिकता अधिक होती है जिसका सेवन करने से स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर हो सकता है।
अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स को कॉस्मेटिक फूड भी कहा जाता है, इसे तैयार करने और लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए कई प्रक्रियाओं से गुजारा जाता है। इससे न सिर्फ इसकी पौष्टिकता कम हो जाती है बल्कि इसमें मिलाए गए आर्टिफिशियल तत्व कैलोरी बढ़ाने वाले हो सकते हैं जिसका सेहत पर नकारात्मक असर होता है। अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स न केवल वजन बढ़ाते हैं बल्कि इससे डायबिटीज और हार्ट के लिए भी दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
यूनिवर्सिटी ऑफ टोरेंटो में पोषण विज्ञान की सहायक प्रोफेसर कोजेटा मिलिकु कहती हैं, हमने देखा कि बच्चों के बीच अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की मांग बहुत अधिक है। तीन साल की उम्र के बच्चों में अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों की खपत में जितनी वृद्धि होती है, ये शरीर में फैट की मात्रा को भी तेजी से बढ़ाने लगती है।
इसके अलावा जो बच्चे शारीरिक रूप से कम सक्रिय रहते हैं, अच्छी नींद नहीं लेते या फिर अक्सर मोबाइल गेम्स में लगे रहते हैं उनमें भी समय के साथ मोटापा विकसित होने का खतरा अधिक हो सकता है। सभी माता-पिता को इसपर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
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स्रोत और संदर्भ
Ultra-processed foods linked to obesity risk in preschool children
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