Forehead Pain Causes: सिरदर्द एक ऐसी समस्या है जिसे अक्सर लोग थकान और नींद की कमी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। बहुत से लोग तेज सिरदर्द से राहत पाने के लिए पेन किलर खाना शुरु कर देते हैं। मगर क्या आपने ध्यान दिया है कि सिर के किस हिस्से में दर्द हो रहा है? असल में सिर अलग-अलग हिस्से में दर्द होने के अलग मायने होते हैं। कुछ मामलों में यह आपके शरीर के भीतर की किसी बड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक सिरदर्द के अलग-अलग प्रकार और उनकी जगह के पीछे अलग-अलग कारण छिपे होते हैं।
Types of Headache: माथे में दर्द है या सिर के पिछले हिस्से में, अलग-अलग सिरदर्द के होते हैं अलग मायने
Headache Location Meaning: सिरदर्द एक ऐसी समस्या है जिससे अधिकतर लोग अपने जीवन कभी न कभी जरूर दो चार होते हैं। आइए इस लेख में जानते हैं कि सिर में अलग अलग हिस्से में दर्द होने के क्या मायने होते हैं। चलिए इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
माथे के चारों ओर का दर्द का मतलब
टेंशन सिरदर्द सबसे आम प्रकार है, जिसमें ऐसा महसूस होता है जैसे माथे के चारों ओर एक टाइट बैंड बांध दिया गया हो। यह दर्द आमतौर पर माथे और कनपटियों में शुरू होता है। इसके पीछे का मुख्य कारण मानसिक तनाव, नींद की कमी, आंखों पर जोर या गर्दन की मांसपेशियों में जकड़न होती है। यह दर्द धीमा लेकिन स्थिर होता है और आमतौर पर आराम या रिलैक्सेशन तकनीकों से ठीक हो जाता है।
ये भी पढ़ें- Health Alert: 80% लोग आंखों की इन दिक्कतों को कर देते हैं इग्नोर, हमेशा के लिए जा सकती है रोशनी
गालों और एक हिस्से का दर्द
अगर आपको माथे और आंखों के बीच या गालों की हड्डियों में भारीपन और दर्द महसूस होता है, तो यह साइनस सिरदर्द हो सकता है, जो अक्सर संक्रमण या एलर्जी के कारण होता है। वहीं, माइग्रेन में सिर के किसी एक हिस्से में तेज 'धड़कन' जैसा दर्द होता है, जिसके साथ जी मिचलाना और रोशनी से परेशानी हो सकती है। यह दर्द कई घंटों या दिनों तक बना रह सकता है।
ये भी पढ़ें- Health Alert: मोटापा, डायबिटीज और दिल की बीमारियों पर ब्रेक लगाने का प्लान, डब्ल्यूएचओ ने दिया समाधान
सिर के पिछले हिस्सा में दर्द
सिर के पिछले हिस्से में होने वाला दर्द अक्सर सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस या हाई ब्लड प्रेशर का संकेत होता है। इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। वहीं, क्लस्टर सिरदर्द में दर्द एक आंख के पीछे या उसके आसपास केंद्रित होता है, जो अचानक और बेहद तीव्र हो जाता है। इस दौरान आंख लाल होना या नाक बहने जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं, जो नसों के असंतुलन का परिणाम हैं।
सिरदर्द को केवल थकान समझना कई मामलों में भारी पड़ सकता है। अगर दर्द के साथ धुंधला दिखना, बोलने में लड़खड़ाहट, गर्दन में अकड़न या बेहोशी महसूस हो, तो यह इमरजेंसी की स्थिति हो सकती है। जीवनशैली में सुधार, पर्याप्त पानी और समय पर नींद से अधिकांश सिरदर्द ठीक हो जाते हैं, लेकिन बार-बार होने वाले दर्द के लिए विशेषज्ञ की जांच अनिवार्य है। अपनी सेहत के प्रति जागरूक रहें और दर्द के संकेतों को समझें।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।