वैश्विक स्तर पर कैंसर और हृदय रोगों के साथ टी.बी यानि क्षय रोग के कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। भारत के लिए भी यह बीमारी गंभीर चिंता का कारण बनी हुई है। आंकड़ों के मुताबिक हर साल देश में टीबी के कारण सवा दो लाख से ज्यादा लोगों की जान जाती है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक पिछले वर्ष की तुलना में 2021 में देश में टीबी रोगियों की संख्या में 19 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। साल 2020 में जहां देश में 16, 28,161 लोग टीबी के शिकार थे वहीं साल 2021 में टीबी रोगियों (नए और रिलैप्स) की कुल संख्या बढ़कर 19,33,381 हो गई है।
सावधान: हर साल 2 लाख से अधिक लोगों की इस बीमारी से हो जाती है मौत, ऐसे लक्षण दिखते ही हो जाएं अलर्ट
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लंबे समय से खांसी की समस्या
अगर आपको भी 3 सप्ताह से अधिक समय से लगातार खांसी की समस्या बनी हुई है तो इसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। लंबे समय तक बनी रहने वाली खांसी की समस्या को टीबी का प्रमुख लक्षण माना जाता है। यह रोग आपके फेफड़ों को प्रभावित करता है जिसके परिणामस्वरूप लगातार खांसी हो सकती है। कुछ अन्य लक्षणों में सीने में दर्द, सांस फूलने और खांसी के साथ खून आने की समस्या भी हो सकती है।
रात को पसीना आना
असामान्य तौर पर रात में अधिक पसीना आने का लक्षण टीबी की ओर इशारा हो सकता है। फेफड़ों में होने वाली समस्याओं के चलते लोगों में इस तरह की दिक्कत हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक फेफड़ों में बैक्टीरिया के बढ़ने के कारण आपको बुखार से साथ या बिना बुखार के भी रात में अधिक पसीना आने की दिक्कत हो सकती है।
लगातार थकान महसूस होना
थकान की समस्या को टीबी रोगियों में प्रमुख लक्षण के तौर पर देखा जाता रहा है। यह रोग शरीर को कमजोर करती जाती है जिसके कारण रोगियों में थकान की समस्या बनी रह सकती है। लगातार खांसी के साथ यदि आपको भी थकान महसूस होता आ रहा हो तो इसको लेकर शीघ्रता से किसी विशेषज्ञ से संपर्क करने की आवश्यकता है।
वजन कम होते जाना
अचानक से वजन घटने के साथ भूख न लगने की समस्या टीबी के प्रमुख लक्षणों में से एक है। फेफड़ों को प्रभावित करने के साथ बैक्टीरिया शरीर को कमजोर करते जाते हैं जिसके कारण वजन कम होना सामान्य है। भूख न लगने और भोजन न कर पाने के कारण भी वजन कम होने लगता है, जिसके कारण टीबी रोगियों का शारीरिक स्वास्थ्य लगातार कमजोर होता जाता है।