देशभर में इन दिनों टमाटर की कीमत आसमान छू रही है। कई राज्यों में टमाटर 120-150 रु. प्रतिकिलो तर बिक रहा है। बिजनेस की रिपोर्ट्स की मानें तो अगले कुछ हफ्तों तक कीमतों में यह उछाल जारी रह सकता है। आप भी टमाटर की बढ़ी हुई कीमत को लेकर जरूर परेशान होंगे।
Tomato Side Effects: टमाटर की कीमतों से हैं परेशान? पर ये सभी के लिए फायदेमंद भी नहींं, इससे किडनी स्टोन खतरा
टमाटर से सेहत को होने वाले नुकसान
यूएस डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विसेज के अनुसार वैसे तो टमाटर खाना ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित है पर कुछ स्थितियों में इसका सेवन कम या न करने की सलाह दी जाती है। जिन लोगों को क्रोनिक किडनी डिजीज है, उन्हें पोटेशियम का सेवन सीमित करना चाहिए। चूंकि टमाटर में यह भरपूर मात्रा में पाई जाती है, इसलिए किडनी के रोगियों के लिए टमाटर का सेवन कम करने की सलाह दी जाती है।
इसके अलावा टमाटर में ऑक्सालेट की मात्रा भी अधिक होती है जिससे भी किडनी की बीमारियां हो सकती है।
किडनी स्टोन वाले रोगियों को कम खाना चाहिए टमाटर
टमाटर नाइटशेड पौधे परिवार से संबंधित हैं, इनमें ऑक्सलेट की उच्च मात्रा होती है। ऑक्सलेट की मात्रा अधिक होने से क्रिस्टल आपस में चिपक सकते हैं और एक ठोस के रूप में जमा होकर किडनी की पथरी बना सकते हैं। यही कारण है कि जिन लोगों को किडनी स्टोन की समस्या है या फिर पहले इसकी दिक्कत रह चुकी है उन्हें टमाटर का सेवन कम या बिल्कुल न करने की सलाह दी जाती है। किडनी में स्टोन कई बार बन सकते हैं।
इंफ्लामेटरी बाउल डिजीज वाले रखें ध्यान
यदि आपको इंफ्लामेटरी बाउल डिजीज (आईबीडी) की समस्या है तो विशेषज्ञों का मानना है कि टमाटर खाने से यह सूजन को ट्रिगर कर सकती है। नाइटशेड प्रजाति के पौधों में एल्कलॉइड की मात्रा होती है जो गैस्ट्रोइंटस्टाइनल ट्रैक्ट की समस्याओं को ट्रिगर कर सकती है। हालांकि इस बात के पर्याप्त सबूत नहीं है कि टमाटर खाने से आईबीडी की समस्या वालों में इसका जोखिम हो सकता है।
बढ़ सकती है त्वचा की दिक्कतें
टमाटर में लाइकोपीन पाया जाता है, वैसे तो इसके कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ हैं पर इसका एक जोखिम यह है कि यह रक्तस्राव के खतरे को बढ़ा सकता है। जो लोग पहले से खून को पतला करने वाली दवाओं का सेवन कर रहे हैं उन्हें टमाटर का सेवन कम करना चाहिए क्योंकि यह दवाओं के साथ रिएक्शन कर सकता है। इसके अलावा टमाटर में मौजूद हिस्टामाइन के कारण एलर्जी के प्रति संवेदनशील लोगों में पित्ती, एक्जिमा और खुजली जैसे लक्षणों की दिक्कत भी हो सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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