देश में कोरोना की तीसरी लहर के बढ़ते हुए खतरे को देखते हुए सरकार बचाव के उपायों पर जोर दे रही है। देश में वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ा दी गई है, जिससे संक्रमण के खतरे से ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित किया जा सके। कोरोना से मुकाबले की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने कोविड-19 के इलाज के लिए 'टोसिलिजुमैब' दवा के जेनरिक संस्करण के आपातकालीन उपयोग की मंजूरी दे दी है। इसका उपयोग कोरोना संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती वयस्कों के लिए किया जा सकेगा। दवा निर्माता कंपनी हेटेरो ड्रग्स ने सोमवार को इस बारे में जानकारी दी है।
बड़ी खबर: कोविड-19 रोगियों को गंभीर जटिलताओं से बचाएगी यह दवा, डीसीजीआई ने दी मंजूरी
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देश में ही होगा दवा का निर्माण
DCGI approves Hetero's Tocilizumab for treatment of COVID-19 in hospitalised adults
हेटेरो ग्रुप के अध्यक्ष डॉ बी पार्थ सारधी रेड्डी ने दवा के आपातकालीन उपयोग को मिली मंजूरी को लेकर खुशी जताते हुए कहा है कि यह दवा कोरोना के मरीजों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। दवा के वितरण को सुनिश्चित कराने के लिए हम सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे। दुनिया के तमाम देशों से इस दवा के कमी की खबरें सामने आती रही हैं। हैदराबाद के जडचेरला स्थित हेटेरो की बायोलॉजिक्स शाखा 'हेटेरो बायोफार्मा' में इस दवा का निर्माण किया जाएगा। इस महीने के आखिर तक दवा के उपलब्ध होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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कोविड-19 के गंभीर रोगियों के इलाज के लिए जिस टोसिलिजुमैब दवा को मंजूरी दी गई है उसे अब तक रूमेटाइड अर्थराइटिस के रोगियों के उपचार में प्रयोग में लाया जाता रहा है। अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों ने इसे कोविड-19 में भी फायदेमंद साबित होने का दावा किया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का दावा है कि इस दवा से अस्पताल में भर्ती रोगियों में कोरोना संक्रमण की गंभीरता और उससे होने वाली मौत के खतरे को कम किया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह दवा रोगियों को वेंटिलेटर पर जाने से भी बचा सकती है।
कोविड-19 में साबित हो सकती है फायदेमंद
हेटेरो कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह दवा टोसिरा ब्रांड के तहत सितंबर के अंत तक उपलब्ध कराई जा सकती है। कंपनी की ओर से फिलहाल दवा की कीमतों को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई है। यह दवा किस रूप में उपलब्ध होगी, इस बारे में भी कंपनी की ओर से कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है। फिलहाल कोविड-19 के इलाज की दशा में इस दवा को मिली मंजूरी को बड़ा कदम माना जा रहा है।
इससे पहले भारत में कोरोना रोगियों के लिए रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा तैयार की गई दवा '2डीजी' को भी मंजूरी मिल चुकी है। इस दवा को इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड एलाइड साइंसेज (आईएनएमएएस) ने हैदराबाद के डॉक्टर रेड्डी लेबोरेटरी के साथ मिलकर तैयार किया है। पाउडर के रूप में उपलब्ध इस दवा कोरोना के गंभीर रोगियों के उपचार में बेहद फायदेमंद बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का दावा है कि यह दवा रोगियों में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के साथ गंभीर संक्रमण से बचाने में कारगर साबित हो सकती है।
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नोट: यह लेख न्यूज एंजसी एएनआई से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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