घर या ऑफिस के काम के कारण थकान महसूस होना स्वाभाविक है। दिनभर की मेहनत के बाद शरीर पूरी तरह से आराम और अच्छी नींद चाहता है, पर क्या अच्छी नींद लेने के बाद भी बिना किसी कारण के आप थकान महसूस करते रहते हैं? स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इस तरह की समस्याओं का मतलब शरीर में कुछ गड़बड़ चल रहा है। लगातार थकान बने रहने का मतलब है कि आपका भोजन सुनियोजित नहीं है और आपके शरीर को आवश्यक पोषक तत्व और ऊर्जा प्रदान करने में असमर्थ है। ऐसे में भोजन और जीवनशैली में बदलाव करना आवश्यक हो जाता है।
आज का हेल्थ टिप्स: क्या आप भी दिनभर महसूस करते हैं थकान? इन तीन चीजों के सेवन से मिलेगा लाभ
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हरी पत्तेदार सब्जियां और पालक
हरी पत्तेदार सब्जियों और साग को पोषक तत्वों का पावरहाउस माना जाता है। यह खनिजों और विटामिनों से भरा हुआ होता है जो शरीर में उर्जा के स्तर तो बेहतर बनाए रखने में सहायक है। इसमें भी पालक का सेवन करना सबसे फायदेमंद होता है। पालक में आयरन की अधिक मात्रा पाई जाती है, इसकी शरीर में कमी के कारण थकान की समस्या हो सकती है। आयरन की कम मात्रा के कारण मस्तिष्क की कोशिकाओं में ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है जिसके परिणामस्वरूप कमजोरी बनी रहती है।
रोज खाइए केला
शरीर की कमजोरी और थकान की समस्या से बचे रहने के लिए रोजाना केला खाना भी फायदेमंद माना जाता है। केले को पोटैशियम, प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत माना जाता है जिससे शरीर में ऊर्जा का संचार होता है। यही वजह है कि व्यायाम से पहले और बाद में केला खाने की सलाह दी जाती है। केला में तीन नेचुरल शगर- सुक्रोज, फ्रुक्टोज और ग्लूकोज होते हैं, जो तुरंत ऊर्जा प्रदान कर सकते हैं। यह कार्बोहाइड्रेट का भी एक अच्छा स्रोत है, यह मैक्रोन्यूट्रिएंट आपकी ऊर्जा के स्तर को बढ़ाता है।
खजूर खाना है सेहत के लिए लाभदायक
रोजाना सिर्फ 2-3 खजूर खाना भी आपको ऊर्जावान और शारीरिक रूप से सक्रिय रहने में फायदेमंद हो सकता है। खजूर, फाइबर से भी भरे हुए होते हैं जो आपको पेट भरा हुआ महसूस कराने में सहायक माने जाते हैं। खजूर में पैंटोथेनिक एसिड, फोलेट और नियासिन जैसे विटामिन्स होते हैं, जो भोजन को ऊर्जा में बदलने वाली मेटाबॉलिज्म प्रक्रियाओं को बढ़ावा दे सकते हैं। यह आसानी से थकान और कमजोरी से लड़ने में मदद कर सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।