शरीर के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए हार्मोन और पोषक तत्वों का संतुलन ठीक रहना सबसे आवश्यक माना जाता है। इसमें होने वाली अधिकता या कमी के कारण शरीर में कई तरह की समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। थायरॉइड ऐसी ही एक दिक्कत है। थायरॉइड ग्रंथि की शिथिलता के कारण थायरॉइड नामक हार्मोन का उत्पादन प्रभावित हो जाता है, जिसके कारण लोगों में यह समस्या बढ़ जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक आनुवंशिकी, जीवनशैली, आहार जैसे कई कारणों से इस तरह की दिक्कत हो सकती है। इसके कारण चिंता, चिड़चिड़ापन और घबराहट का अनुभव होने, सोने में परेशानी, वजन घटने, मांसपेशियों में कमजोरी और कंपकंपी जैसी कई दिक्कतें हो सकती हैं।
अलर्ट: शरीर में ऐसे लक्षणों का मतलब ठीक से काम नहीं कर रही है थायरॉइड ग्रंथि, तुरंत हो जाइए सावधान
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पाचन संबंधी समस्याएं
क्या आपको भी अक्सर कब्ज की दिक्कत बनी रहती है? तो जरूरी नहीं यह पेट की समस्या के कारण हो रहा हो, थायरॉइड ग्रंथि की शिथिलता के कारण भी इस तरह की समस्या हो सकती है। थायरॉयड ग्रंथि में खराबी या इसके सामान्य कामकाज प्रभावित होने का असर पाचन तंत्र को भी प्रभावित कर सकता है जिसके कारण कब्ज की दिक्कत हो सकती है। यही कारण है कि लगातार कब्ज की समस्या को गंभीरता से लेने की आवश्यकता होती है।
वजन का अचानक से बढ़ना या कम होना
वजन में होने वाला परिवर्तन शरीर में होने वाली कई तरह की समस्याओं का संकेत हो सकता है। अपने वजन में अचानक आए बदलाव को नज़रअंदाज न करें क्योंकि यह थायरॉइड डिसफंक्शन का संकेत हो सकता है। अचानक वजन बढ़ना, हाइपोथायरायडिज्म का एक सामान्य संकेत है। थायरॉइड के कारण लोगों को मेटाबॉलिज्म की समस्या हो सकती है जो कैलोरी-बर्निंग प्रक्रिया को बाधित करता है। इसके कारण वजन बढ़ने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
अधिक ठंड लगने की दिक्कत
थायरॉइड डिसफंक्शन, कैलोरी बर्निंग की प्रक्रिया में बाधा बन सकती है जिससे शरीर का वजन बढ़ाने और सामान्य से अधिक ठंड लगने की दिक्कत होती है। अगर आपको भी पिछले कुछ समय से असामान्य रूप से ठंड लग रही है, तो अपने थायरॉयड की जांच करवाएं।
मासिक धर्म से संबंधित समस्याएं
मासिक धर्म चक्र में बदलाव को बहुत गंभीरता से लिए जाने की आवश्यकता होता है, यह शरीर में कई तरह की अंतर्निहित समस्याओं का संकेत हो सकता है। शरीर में मामूली स्तर की विसंगतियां भी, नियमित चक्र को प्रभावित कर सकती हैं। थायरॉयड ग्रंथि में होने वाली समस्याओं के कारण भी मासिक धर्म में अनियमित, भारी प्रवाह जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। यदि आपमें भी ऐसी दिक्कतें लगातार बनी रहती हैं तो इस बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।