योग करने से तन और मन दोनों स्वस्थ रहता है। नियमित रूप से अगर योग का अभ्यास किया जाए तो बहुत सारी बीमारियों से छुटकारा मिल सकता है। ऐसी ही महिलाओं की एक समस्या मेनोपॉज है जिसमें योग करने से दर्द और शरीर में हो रहें बदलावों से लड़ने की शक्ति मिलती है। तो आइए जाने किन तीन आसनों का अभ्यास चालीस वर्ष की अवस्था पार कर चुकी महिलाओं को नियमित रूप से करना चाहिए।
चालीस के बाद इन आसन को करने से महिलाओं को मेनोपॉज की तकलीफ से मिलता है आराम
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सुखासन का अभ्यास करने से शारीरिक और मानसिक शांति का अनुभव होता है। इस आसन को योग की शुरुआत करने से पहले किया जाता है जिससे सांस लेने की प्रक्रिया पर नियंत्रण किया जा सके। इस आसन को करने के लिए जमीन पर चटाई बिछा कर पालथी मारकर बैठ जाएं। आंखों को बंद करके अपनी हथेलियों को घुटनों पर रखें और गहरी सांस लें।
इस आसन को करने के लिए अपने पैरों को एक साथ रखें और सीधे खड़े हो जाएं। अब अपने हाथों को सीधा ऊपर की ओर उठाएं और गहरी सांस लेते हुए आंखों को बंद करें। कुछ देर इसी अवस्था में रहने के बाद धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए पहले वाली स्थिति में वापस आ जाएं।
उत्तनासान करने के लिए सीधे खड़ें हो जाएं, इसके बाद कमर के उपरी हिस्से को सांस लेते हुए पैर की उंगलियों को छूने की कोशिश करें। कुछ देर इस स्थिति में रुकने के बाद सांस छोड़ते हुए सामान्य मुद्रा में वापस आ जाएं। इस आसन को करते हुए ध्यान रखें कि आपके घुटने मुड़े हुए न हों।