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एम्स के प्रोफेसर ने बताया: तीसरी लहर के हो सकते हैं ये दो प्रमुख कारक, जानिए कैसे रहें सुरक्षित

Sun, 20 Jun 2021 04:51 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Sun, 20 Jun 2021 04:51 PM IST
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third wave of corona will depend on 2 important factors, told AIIMS  Professor
कोरोना की संभावित तीसरी लहर (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : social media

देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की रफ्तार अब काफी धीमी पड़ चुकी है। पिछले एक हफ्ते से रोजाना संक्रमण के आंकड़े 1 लाख से कम आ रहे हैं। इसी क्रम में कई राज्यों में लगी पाबंदियों में ढील दी जाने की शुरुआत भी हो चुकी है। हालांकि संभावित तीसरी लहर की आशंका अब भी लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। तीसरा लहर अब आएगी, यह कितनी गंभीर होगी और किन लोगों को इससे विशेष सावधान रहने की जरूरत है, सभी लोगों के दिमाग में इस तरह के सवाल चल रहे हैं। 


कुछ रिपोर्टस में दावा किया जा रहा है कि कोरोना की तीसरी लहर बच्चों को ज्यादा प्रभावित कर सकती है, हालांकि एम्स ने इस तरह की आशंका को नकारा है। रविवार को दिल्ली एम्स के प्रोफेसर ने कोरोना की तीसरी लहर के संभावित कारक और इससे बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी। आइए इस लेख में जानते हैं।

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कोरोना से बचने के प्रयास जरूरी - फोटो : social media

इन दो कारकों के बारे में जानिए
रविवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली में डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसन के सहायक प्रोफेसर नीरज निश्चल ने कोरोना की संभावित तीसरी लहर के कारकों के बारे में जानकारी दी। प्रो. नीरज कहते हैं, 'कोरोना की संभावित तीसरी लहर मुख्यरूप से दो महत्वपूर्ण कारकों पर निर्भर करेगी- पहला वायरस से संबंधित और दूसरा मानव-संबंधी। वायरस में होने वाला म्यूटेशन और उससे जनित जटिलताएं हमारे हाथ में नहीं हैं लेकिन मानव-संबंधी कारकों को हम अपने प्रयासों से दूर कर सकते हैं। 

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कोरोना से बचाव के नियमों का करते रहें पालन - फोटो : Pixabay
कैसे करें बचाव
प्रो. नीरज बताते हैं कि कोरोना की तीसरी लहर से सुरक्षित रहने के लिए सभी लोगों को कोविड से बचाव के बताए गए नियमों का सख्ती से पालन करते रहना होगा। इसमें की गई लापरवाही के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। अच्छी तरह से और कसे हुए मास्क पहनना, हाथों की साफ-सफाई रखना और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना हर समय आवश्यक है। इन उपायों को नियमित रूप से प्रयोग में लाकर संक्रमण से सुरक्षित रहा जा सकता है। 
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गंभीर बीमारी से सुरक्षा देगी वैक्सीन - फोटो : iStock
वैक्सीनेशन का दिखेगा असर
प्रो. नीरज बताते हैं कि कोरोना की वैक्सीन संक्रमण से बचाने में मदद करगी। जिन लोगों को टीके लग चुके हैं फिर भी संक्रमण हो जाता है, ऐसे लोगों में गंभीर बीमारी का खतरा नहीं होगा। वैक्सीनेशन, कोरोना संक्रमण के सुरक्षा कवच के रूप में काम करेगी। 
गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान वायरस में म्यूटेशन के कारण लोगों को तमाम तरह की शारीरिक समस्याओं जैसे हृदय-फेफड़ों के रोग और ऑक्सीजन सेचुरेशन में गिरावट जैसी गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।
 
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कोरोना की तीसरी लहर (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
कब तक आ सकती है तीसरी लहर
दिल्ली स्थित गंगाराम अस्पताल के डॉ. (लेफ्टिनेंट जनरल) वेद चतुर्वेदी बताते हैं, 'वायरस में म्यूटेटेशन के मामले सामने आ रहे हैं, इस वजह से तीसरी लहर की आशंका बनी हुई है। यह कब तक आएगी, इस बारे में निश्चित कहा नहीं जा सकता है। कई देशों में फिर से कोरोना के मामलों में इफाजे की खबरें सामने आ रही हैं। भारत में दूसरी लहर के दौरान लगाई गई पाबंदियों में ढील दी जाने की शुरुआत हो चुकी है। ऐसी स्थिति में सरकार और लोगों की जिम्मेदारी है कि कोरोना से बचाव के सभी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए। अगर नियमों का सही ढंग से पालन किया जाए तो कोरोना की तीसरी लहर को रोका या उसके असर को कम जरूर किया जा सकता है। वैक्सीन इस दिशा में बड़ा काम कर सकती है। सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा साबित होगी।

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नोट: यह लेख अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली में डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसन के सहायक प्रोफेसर नीरज निश्चल के सुझावों  के आधार पर तैयार किया गया है। खबर में ट्वीट संलग्न हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
 
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