कोरोना की तीसरी लहर को तमाम आशंकाओं के बीच शुक्रवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने काफी सुकून भरी जानकारी दी। डॉ गुलेरिया ने बताया कि हाल ही में हुए सीरो सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि देश की बड़ी आबादी में कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडीज विकसित हो चुकी हैं। इसका मतलब यह है कि इन लोगों को संभावित तीसरी लहर से काफी हद तक सुरक्षित माना जा सकता है। कोरोना की तीसरी लहर को लेकर ज्यादा परेशान होने की आवश्यकता नहीं है, हम उम्मीद कर रहे हैं कि यह लहर पिछली लहरों की तुलना में कम प्रभावशाली होगी।
बड़ी खबर: कोरोना की तीसरी लहर कब आएगी और कितनी गंभीर होगी? एम्स निदेशक ने दी जानकारी
कब तक आ सकती है तीसरी लहर?
कोरोना की तीसरी लहर के बारे में बताते हुए डॉ गुलेरिया कहते हैं, ऐसी आशंका व्यक्त की जा रही है कि सितंबर-अक्टूबर के दौरान देश में कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है, हालांकि वैज्ञानिकों का मानना है कि यह दूसरी लहर की तरह गंभीर नहीं होगी। राज्यों ने दूसरी लहर के दौरान लगे लॉकडाउन को धीरे-धीरे खत्म कर दिया है, लोग फिर से घरों से बाहर निकलने लगे हैं। इस समय अगर हम कोविड से बचाव के नियमों को लेकर सतर्क रहते हैं तो तीसरी लहर को ज्यादा प्रभावी होने से रोका जा सकता है। कोरोना से बचाव के उपायों को लेकर की गई लापरवाही भारी पड़ सकती है।
कोरोना की तीसरी लहर की गंभीरता को लेकर एम्स निदेशक ने कहा कि हम यह अनुमान नहीं लगा सकते कि वायरस कैसे व्यवहार करेगा, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में वायरस में कोई और म्यूटेशन देखने को नहीं मिलेगा। देश में लोगों का तेजी से वैक्सीनेशन किया ही जा रहा है और सीरोसर्वे के अनुसार ज्यादातर लोगों में कोविड-19 के खिलाफ प्रतिरक्षा विकसित हो चुकी है, ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि तीसरी लहर ज्यादा गंभीर नहीं होगी।
We can't predict how the virus will behave but it seems that the virus will not mutate so dramatically in the coming months. As per the serosurvey, there is reasonably good amount of immunity in the population: Dr Randeep Guleria, AIIMS Director (1/2) pic.twitter.com/HO1yWq44F7
— ANI (@ANI) July 23, 2021
सावधानी बरतने से ही कोविड पर मिल सकती है जीत
If for the next few months, untill a larger part of our population gets vaccinated, we should avoid crowd, non essential travel & maintain COVID-appropriate behaviour. With this, I think we can delay & also flatten the third wave: Dr Randeep Guleria, AIIMS Director (2/2)
डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा, कोरोना से लोगों को सुरक्षा देने के लिए देश में टीकाकरण की रफ्तार तेज कर दी गई है। अगर अगले कुछ महीनों, जब तक कि आबादी के एक बड़े हिस्से का टीकाकरण नहीं हो जाता, हमें भीड़-भाड़, गैर-जरूरी यात्रा से बचना चाहिए। कोविड-उपयुक्त व्यवहार बनाए रखना चाहिए, अगर इन बातों का गंभीरता से पालन किया जाए तो न सिर्फ कोरोना की तीसरी लहर में देरी की जा सकती है, साथ ही इसे आक्रमण रूप लेने से भी रोका जा सकता है। सभी लोगों को जल्द से जल्द टीकाकरण करा लेना चाहिए, अध्ययनों से पता चलता है कि टीके की दोनों खुराक ले चुके लोगों को कोरोना के गंभीर संक्रमण और इससे होने वाली मौत के खतरे से सुरक्षित माना जा सकता है।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के चौथे सीरो-सर्वे के मुताबिक अबतक देश की दो-तिहाई आबादी में वायरस के खिलाफ रक्षात्मक एंटीबॉडीज विकसित हो चुकी हैं। हालांकि अभी भी एक तिहाई आबादी यानी करीब 40 करोड़ लोगों में एंटीबॉडी नहीं पाई गई हैं, जिसका यह मतलब है कि इन लोगों में कोरोना की तीसरी लहर का खतरा अधिक हो सकता है। जिन राज्यों के लोगों में कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडीज नहीं विकसित हो पाईं हैं उन्हें विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
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नोट: यह लेख भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया के बयान के आधार पर तैयार किया गया है।
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