Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi
जनरल फिजिशियन, चाइल्डकेयर हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, डिप्लोमा सी.एच
अनुभव- 25 वर्ष
शरीर के लिए लिवर सबसे जरूरी अंगों में से एक है। इसीलिए इसे शरीर का 'पावर हाउस' भी कहा जाता है। दरअसल, लिवर का काम शरीर के पाचन संबंधी सभी कार्यों को सुचारू रूप से चलाने का होता है। यह विटामिन और वसा जैसे अन्य पोषक तत्वों को पचाने में मदद करता है। इसके अलावा लिवर शरीर से हानिकारक और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में भी मदद करता है। इसलिए एक स्वस्थ्य जीवन के लिए लिवर का सही तरीके से काम करना बहुत जरूरी है, क्योंकि अगर लिवर में कोई समस्या आ जाए, तो उसकी वजह से कई तरह की परेशानियां होने लगती हैं। वैसे तो लिवर की कई तरह की बीमारियां होती हैं, उन्हीं में से एक लिवर बढ़ने की बीमारी भी होती है, जिसे फैटी लिवर कहा जाता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि फैटी लिवर कई अन्य बीमारियों का कारण भी बन सकता है। आइए जानते हैं कि किन वजहों से फैटी लिवर का खतरा बढ़ जाता है?
Fatty Liver: इन वजहों से बढ़ जाता है फैटी लिवर का खतरा, ध्यान में रखें ये बातें
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फैटी लिवर होने के कारण क्या हैं?
- विशेषज्ञ कहते हैं कि फैटी लिवर की समस्या उन लोगों में ज्यादा देखने को मिलती है, जो अल्कोहल का अधिक मात्रा में सेवन करते हैं। इसके अलावा अधिक वसायुक्त और मसालेदार खाना खाने, गंदा पानी पीने, अधिक क्लोरिन वाला पानी पीने और एंटीबायोटिक दवाइयों के अधिक सेवन से भी फैटी लिवर की समस्या होती है।
फैटी लिवर के लक्षण क्या हैं?
- पेट के दाएं भाग के ऊपरी हिस्से में दर्द
- वजन का कम होना
- कमजोरी महसूस होना
- आंखों और त्वचा में पीलापन
- पेट में गैस बनना
- सीने में भारीपन होना
- भूख नहीं लगना
फैटी लिवर से पैदा हो सकती हैं ये बीमारियां
- फैटी लिवर की समस्या का अगर समय पर इलाज नहीं किया गया तो यह कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। इसमें कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना, मोटापा या अचानक वजन कम होना, डायबिटीज, उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) और आंतों से संबंधित परेशानियां शामिल हैं।
फैटी लिवर से बचने के लिए करें ये काम
- अपने आहार में ताजे फल और सब्जियों को शामिल करें
- अधिक फाइबर युक्त आहार लें (जैसे- फलियां और साबुत अनाज)
- अधिक नमक और चीनी का सेवन बिल्कुल न करें
- शराब के सेवन से बचें
- अपने आहार में लहसुन को शामिल करें, क्योंकि यह फैट को जमा होने से रोकता है
- तली-भुनी चीजें और जंक फूड का सेवन न करें
- नियमित रूप से व्यायाम करें, सुबह टहलने जाएं
नोट: डॉ. राजन गांधी अत्यधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल, कानपुर में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।