{"_id":"5c5d3e51bdec220bb35c3342","slug":"suicide-rates-are-down-by-a-third-globally","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"दुनिया में हर साल आत्महत्या कर रहे थे 8 लाख लोग, अब आई चौंकाने वाली खबर","category":{"title":"Health & Fitness","title_hn":"हेल्थ एंड फिटनेस","slug":"fitness"}}
दुनिया में हर साल आत्महत्या कर रहे थे 8 लाख लोग, अब आई चौंकाने वाली खबर
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: ललित फुलारा
Updated Fri, 08 Feb 2019 02:01 PM IST
विज्ञापन
1 of 4
suicide
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
दुनियाभर में हर साल आठ लाख से ज्यादा लोग आत्महत्या कर रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आत्महत्या को सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दा बताया है। लेकिन अब आत्महत्या के आंकड़ों को लेकर एक सकारात्मक खबर आई है। इसमें कहा गया है कि विश्वभर में आत्महत्या की दर में 1990 के बाद से एक तिहाई से ज्यादा गिरावट आई है। इससे साफ है कि लोग दुनियाभर में अब पहले के मुकाबले कम आत्महत्या कर रहे हैं।
2 of 4
Suicide
यह रिपोर्ट ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज की है। इसमें कहा गया है कि आत्महत्या की दर में दुनियाभर में 1990 के बाद से एक तिहाई से ज्यादा गिरावट आई है। इसके आंकड़े बीएमजे जर्नल में प्रकाशित हुए हैं। इसमें कहा गया है कि साल 2016 में 8 लाख 17 हजार लोगों ने आत्महत्या की थी। ये ही वो साल था जिसमें 1990 के बाद से आत्महत्या में 6.7 फीसदी वृद्धि हुई थी। इसके बाद गिरावट आई है।
3 of 4
आत्महत्या
रिपोर्ट का कहना है कि पिछले तीन दशकों से वैश्विक जनसंख्या में वृद्धि होने की वजह से जहां पहले 1 लाख लोगों में से 16.6 लोग आत्महत्या कर रहे थे अब यह आंकड़ा सिमटकर 11.2 हो गया है। यानी इसमें 32.2 फीसदी गिरावट आई है। इसकी वजह स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुंच और गरीबी में रहने वाले लोगों की संख्या में कमी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 4
सांकेतिक तस्वीर
रिपोर्ट का कहना है कि महिलाओं से ज्यादा आत्महत्या पुरुषों ने की है। इसमें 15 से 19 साल के बीच की उम्र सीमा शामिल है। यानी इस उम्र सीमा की दर देखी जाए तो लड़कियों से ज्यादा आत्महत्या लड़कों ने की है। एक लाख पुरुषों में 15.6 ने आत्महत्या की है जबकि महिलाओं में यह आंकड़ा लाख में 7 है। भारत और चीन में 2016 में 44.2 फीसदी लोगों ने आत्महत्या की है। लेकिन जहां चीन में 1990 के बाद से सुसाइड रेट 64.1 फीसदी बढ़ा है वहीं भारत में यह 15.2 फीसदी कम हुआ है।
सबसे विश्वसनीयहिंदी न्यूज़वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ेंलाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसेहेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health and fitness news), लाइवफैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्टफूड न्यूज़इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) औरयात्रा (travel news in Hindi) आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।