लंबी उम्र पाने का सपना किसका नहीं होता, कौन नहीं चाहता है कि वो 100 साल तक जिए? हालांकि जिस तरह से लाइफस्टाइल और खान-पान से संबंधित दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं इसका नकारात्मक असर हमारी सेहत और लंबी उम्र पर भी देखा जा रहा है।
Alert: हर दिन की ये गलती चुपचाप कम कर रही है लोगों की उम्र, कहीं आपको भी तो नहीं है खतरा?
कई अध्ययनों में यह सामने आया है कि जो लोग रोजाना 7 घंटे से कम नींद लेते हैं, उनमें समय से पहले मौत का खतरा होता है। लगातार कम नींद लेने से शरीर की रिपेयरिंग प्रोसेस प्रभावित होती है, जिससे उम्र घटने का जोखिम बढ़ जाता है।
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नींद की कमी घटा रही है आपकी उम्र
खान-पान में गड़बड़ी और लाइफस्टाइल से संबंधित समस्याओं के कारण शरीर पर किस तरह से बुरा असर होता है, ये तो हम सभी लगातार पढ़ते-सुनते रहते हैं। हालिया अध्ययन में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पाया है कि एक और आम आदत है, जो चुपचाप लोगों की उम्र घटा रही है। वह आदत है पर्याप्त नींद न लेना।
अध्ययन में पाया गया है कि जो लोग रोजाना 7 घंटे से कम सोते हैं, उनमें समय से पहले मौत का खतरा ज्यादा पाया गया है। कम नींद लेने से शरीर की रिपेयरिंग प्रोसेस प्रभावित होती है, जिससे उम्र घटने का जोखिम बढ़ जाता है।
नींद की कमी सिर्फ थकान का कारण नहीं बनती, बल्कि तमाम अंगों पर भी बुरा असर डालती है।
हमारी सेहत को कैसे प्रभावित करती है नींद?
अमेरिका की ओरेगन हेल्थ एंड साइंस यूनिवर्सिटी (ओएचएसयू) के विशेषज्ञों ने ये जानने के लिए अध्ययन किया कि नींद का हमारी उम्र पर किस तरह से असर होता है?
- स्लीप एडवांस जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने बताया अच्छी नींद हमारे पूरे हेल्थ सिस्टम और बेहतर जीवन में बहुत जरूरी भूमिका निभाती है।
- जब आप पूरी नींद लेते हैं, तो इससे आपके दिमाग, इम्यून सिस्टम, याददाश्त, फिजिकल हेल्थ सबको लाभ होता है। यह डायबिटीज, दिल की बीमारियों और मोटापे जैसी क्रॉनिक बीमारियों का खतरा भी कम करती है।
इस स्टडी के लिए शोधकर्ताओं ने एक बड़े नेशनल डेटाबेस का आकलन किया, जिसमें पूरे यूनाइटेड स्टेट्स में काउंटियों में लाइफ एक्सपेक्टेंसी से जुड़े सर्वे पैटर्न का अध्ययन किया। जब प्रतिभागियों की उम्र से जुड़े लाइफस्टाइल फैक्टर्स का एनालिसिस किया, तो पता चला कि नींद की कमी लोगों की उम्र घटाने वाली महत्वपूर्ण कड़ी हो सकती है।
धूम्रपान और कम नींद लेना उम्र घटाने वाले दो बड़े कारण
शोधकर्ताओं ने पाया कि धूम्रपान ही एकमात्र ऐसा फैक्टर था जिसका उम्र पर नींद से ज्यादा असर देखा गया।
ओएचएसयू में एसोसिएट प्रोफेसर और अध्ययन के लेखक एंड्रयू मैकहिल कहते हैं, मुझे उम्मीद नहीं थी कि नींद की कमी का लाइफ एक्सपेक्टेंसी से इतनी मजबूत संबंध हो सकता है। हम सभी जानते हैं कि नींद जरूरी है, लेकिन यह रिसर्च इस बात को पक्का करती है कि कम नींद लेने वालों में असमय मृत्यु का खतरा अधिक हो सकता है।
अच्छी सेहत और लंबी उम्र चाहिए तो सभी लोगों को रात में सात से नौ घंटे की निर्बाध नींद लेने की पूरी कोशिश करनी चाहिए।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा, पर्याप्त नींद लेना, पोषण या फिजिकल एक्टिविटी की तुलना में लंबी उम्र पाने की संभावना को और मजबूत करती है।
प्रोफेसर मैकहिल ने बताया कि दिल की सेहत, इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने और सोचने-समझने की ताकत को ठीक रखने के लिए अच्छी नींद बहुत जरूरी है। यह अध्ययन बताती है कि हमें नींद को उतनी ही अहमियत देनी चाहिए जितनी हम अपने खाने या एक्सरसाइज को देते हैं।
अक्सर हम नींद को नजरअंदाज कर देते हैं या पूरी न होने पर इसे वीकेंड के लिए टाल देते हैं। हालांकि बेहतर जिंदगी चाहिए और 100 साल तक जीने की इच्छा है तो रोज रात में भरपूर नींद लेने की आदत कम उम्र से बना लीजिए।
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स्रोत:
Sleep insufficiency and life expectancy at the state-county level in the United States, 2019–2025
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