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लॉकडाउन पर अध्ययन: हर तीन में से एक युवा के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ा है असर, कहीं आपमें भी तो नहीं हैं ऐसे लक्षण?

Sun, 21 Mar 2021 12:03 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला Published by: Abhilash Srivastava Updated Sun, 21 Mar 2021 12:03 PM IST
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Study says lockdown negatively impacted mental health of teenagers
Mental Health, Thinking - फोटो : Pexels

कोरोना के चलते लगे लॉकडाउन ने ज्यादातर लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाला है। इसका सबसे ज्यादा असर युवाओं पर देखने को मिल रहा है। मिशिगन मेडिसिन में बच्चों के स्वास्थ्य पर सीएस मॉट चिल्ड्रन हॉस्पिटल द्वारा किए गए नेशनल पोल के अनुसार करीब 46 फीसदी माता-पिता का कहना है कि उन्होंने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य में नकारात्मक परिवर्तन देखा है। इसमें भी विशेषकर लड़कियों में तनाव और चिंता जैसे लक्षण ज्यादा देखने को मिले हैं। इस आधार पर विशेषज्ञों का मानना है कि लॉकडाउन के दौरान बदली जीवनशैली के कारण इस प्रकार के मामले देखने को मिल रहे हैं। आइए जानते हैं कि विशेषज्ञों को इस पोल के आधार पर किए गए अध्ययन में और कौन सी खास बातों के बारे में पता चला है?

Study says lockdown negatively impacted mental health of teenagers
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

हर तीन में से एक लड़की में दिख रहे हैं असर
पोल को लेकर किए गए अध्ययन के दौरान विशेषज्ञों ने पाया कि हर तीन में से एक लड़की जबकि हर पांच में से एक लड़के के मानसिक स्वास्थ्य पर लॉकडाउन का नकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। माता-पिता ने पोल के दौरान बताया है कि उनके बच्चों को तनाव, चिंता और अवसाद के लक्षणों का अनुभव हो रहा है।

Study says lockdown negatively impacted mental health of teenagers
अवसाद - फोटो : पिक्साबे

इसके अलावा 24 फीसदी लड़कियों जबकि 21 फीसदी लड़कों के माता-पिता का मानना है कि बच्चों को नींद न आने की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। 8 फीसदी लड़कियों जबकि करीब 9 फीसदी लड़कों के व्यवहार में गुस्सैल रवैया भी देखने को मिल रहा है। इस आधार पर विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य में आए इस प्रकार के बदलाव का मुख्य कारण उनके भीतर किसी बात को लेकर डर और अनिश्चितता है।

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Study says lockdown negatively impacted mental health of teenagers
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

क्या करें माता पिता
बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य में दिख रहे इस प्रकार के नकारात्मक बदलाव को ठीक कैसे किया जा सकता है, इस बारे में डॉक्टरों का कहना है कि यहां सबसे बड़ा रोल माता पिता का हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार माता-पिता को लगातार अपने बच्चों से बात करते रहना चाहिए। उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश करें, ऐसा माहौल बनाएं जिससे वह आपसे खुलकर बात कर सकें। इस प्रकार की समस्या से बचने के लिए यही सबसे आसान तरीका हो सकता है। मामला गंभीर दिखे तो किसी मनोरोग विशेषज्ञ से संपर्क जरूर करें।

 

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