एक अध्ययन का कहना है कि गोभी, केला और फूलगोभी में ऐसा एक प्राकृतिक तत्व पाया जाता है जो कि फैटी लिवर की बीमारियों के जोखिम को कम करता है। यह अध्ययन जर्नल हेपेटोलॉजी में प्रकाशित हुआ है। यह प्राकृतिक तत्व इंडोल है जो कि कुछ सब्जियों में पाया जाता है और फैटी लिवर की बीमारी को नियंत्रित करने में सहायक होता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस प्राकृतिक तत्व की वजह से फैटी लिवर की बीमारी का इलाज संभल है और यह उसके जोखिम को कम कर देता है। अगली स्लाइड में पढ़िए इस अध्ययन में और क्या कहा गया है...
फैटी लिवर की समस्या से छुटकारा पाना है तो खाएं फूलगोभी और केला: स्टडी
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शोधकर्ता चोडोंग वू का कहना है कि हमें विश्वास है कि स्वस्थ खाना जो कि इंडोल के उत्पाद में सहायक है वो फैटी लिवर की बीमारी के रोकथाम में सहायक है। फैटी लिवर की समस्या से परेशान लोगों के लिए यह वरदान की तरह है और इस बीमारी के जोखिम को कम करने में सहायक है।
लिवर में फैट जमा होने पर फैटी लिवर की समस्या होती है। इस बीमारी में लिवर में सूजन आ जाती है और कई बार लिवर सिरोसिस तक की गंभीर समस्या हो जाती है। अगर वक्त पर फैटी लिवर का इलाज नहीं कराया गया तो यह लाइलाज बीमारी में तब्दील हो जाती है। ज्यादा तला खाने, शराब और सिगरेट का सेवन करने से यह समस्या हो सकती है। मोटापे और डाइबिटीज की बीमारी होने पर फैटी लिवर की समस्या होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है।
ऐसे में आप पेट में दर्द रहना, थकावट होना, कमजोरी आना, गैस बनना और लगातार कब्ज की शिकायत होने के लक्षणों को गंभीरता से लें क्योंकि ये फैटी लिवर की समस्या की शुरुआत हो सकती है। अगर आपको आपकी त्वचा के रंग में बदलाव लगे या फिर आपकी त्वचा पीली होने लगे तो यह फैटी लिवर का ही लक्षण है। ऐसी स्थिति में आपको फौरन डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए।