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कोरोना महामारी को दो साल से अधिक का समय बीत गया है। अब तक दुनियाभर में सामने आए वायरस के तमाम वैरिएंट्स ने लोगों को कई तरह से प्रभावित किया है। मसलन शुरुआत में इसे जहां केवल श्वसन तंत्र तक ही सीमित करके देखा जा रहा था वहीं अब कई अन्य अंगों पर भी संक्रमण का असर देखा जा रहा है। वैसे तो कोरोना के सभी वैरिएंट्स ने श्वसन प्रणाली को प्रभावित किया है, हालांकि डेल्टा और ओमिक्रॉन जैसे वैरिएंट्स से संक्रमण की स्थिति में लोगों को अन्य अंगों से संबंधित परेशानियां भी देखने को मिली हैं। डेल्टा वैरिएंट ने जहां लोगों के फेफड़ों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया वहीं ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमण की स्थिति में लोगों में पेट से संबंधित कुछ दिक्कतें देखने को मिल रही हैं।
कुछ हालिया रिपोर्ट्स में वैज्ञानिक बता रहे हैं कि दुनियाभर के लिए चिंता का कारण बना हुआ ओमिक्रॉन का सब-वैरिएंट BA.2 (स्टील्थ ओमिक्रॉन) श्वसन प्रणाली के साथ आंतों को भी प्रभावित कर रहा है। इस स्थिति में लोगों में सामान्य लक्षणों के साथ पाचन तंत्र से संबंधित कई तरह की दिक्कतें देखी जा रही हैं। चूंकि इस समय गर्मी का मौसम है, जिसमें लोगों में पाचन की समस्याएं अधिक होती हैं, ऐसे में संक्रमण और इनके बीच अंतर कर पाना कठिन हो सकता है। आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से समझते हैं।
विशेषज्ञों की चेतावनी: श्वसन तंत्र के साथ आंतों को भी प्रभावित कर रहा है स्टील्थ ओमिक्रॉन, ऐसे लक्षणों को हल्के में न लें
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कोविड-19 में पेट की समस्याएं
दक्षिण अफ्रीका सहित दुनिया के कुछ अन्य देशों से प्राप्त हो रहे डेटा इस ओर इशारा करते हैं कि कोरोना का स्टील्थ वर्जन पेट की समस्याओं का भी कारण बन रहा है। किंग्स कॉलेज लंदन में जेनेटिक एपिडेमियोलॉजी के प्रोफेसर टिम स्पेक्टर कहते हैं, अध्ययनों में ओमिक्रॉन BA.2 से संक्रमितों में सामान्य सर्दी-जुकाम की समस्याओं के अलावा मतली और पेट दर्द की दिक्कत भी देखी जा रही है। इससे यह समझ आता है कि वायरस का यह रूप नाक के साथ आंतों को भी अपना शिकार बना रहा है।
आरटी-पीसीआर रिपोर्ट आ सकती है निगेटिव
विशेषज्ञों ने चिंता जताते हुए कहा है कि चूंकि कुछ लोगों को सिर्फ पेट की ही दिक्कतें हो रही हैं, ऐसे में आरटी-पीसीआर रिपोर्ट नकारात्मक आ सकती है। इस टेस्ट में नाक या मुंह से एकत्र किए गए स्वाब से वायरस का पता लगाया जाता है। ऐसी स्थिति में कोविड-19 की समस्या और इसके प्रसार के बढ़ने का खतरा भी हो सकता है। फिलहाल फौरी तौर पर लोगों को लक्षणों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। कोरोना संक्रमण को सिर्फ श्वसन तंत्र तक ही सीमित करके देखना सही नहीं है।
कोरोना संक्रमण में हो रही हैं पेट की ये दिक्कतें
यूके के डॉक्टरों ने एक हालिया रिपोर्ट में जिक्र किया है कि स्टील्थ ओमिक्रॉन से संक्रमितों में कोरोना के सामान्य लक्षणों- सर्दी-जुकाम, बुखार और गले की समस्याओं के साथ पेट से संबंधित कुछ दिक्कतों का भी अनुभव हो रहा है। इसमें ज्यादातर संक्रमितों ने मतली-उल्टी, दस्त, पेट में दर्द और जलन के साथ पेट में सूजन की शिकायत की है। कुछ संक्रमितों में लूज मोशन की दिक्कत भी देखी जा रही है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
अमर उजाला से बातचीत में कोविड मामलों के विशेषज्ञ डॉ अवनीश सिंह बताते हैं, चूंकि इस समय देश में मौसम बदल रहा है और तापमान बढ़ रहा है। इस मौसम में सामान्यत: फूड पॉइजिंग और पेट की अन्य समस्याओं का जोखिम भी बढ़ जाता है, ऐसे में सामान्य पेट की समस्याओं को कोविड-19 के कारण होने वाले दिक्कत में अंतर करना आवश्यक है। इसका सबसे आसान तरीका ये है कि ओमिक्रॉन की स्थिति में गले की दिक्कतों जैसे खराश और दर्द के साथ पेट की समस्याएं हो सकती हैं। यह समस्या सामान्य लक्षणों के साथ शुरू हो जाती है, जबकि सामान्य पेट दर्द में श्वसन तंत्र की दिक्कतें नहीं होती हैं। हालांकि स्थिति के सही निदान के लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है।