रोजमर्रा की जिंदगी में महिलाओं को तो खाना बनाना पड़ता ही है। पेशेवर रूप से भी रसोइयों को रसोई में खाना बनाने के लिए समय बिताना पड़ता है। लेकिन लगातार रसोई में समय बिताना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। अगर आप भी जरुरत से ज्यादा रसोई में समय बिताते हैं तो ये समय सावधान हो जाने का है।
दो सौ रसोइयों में किए एक शोध में यह बात सामने आई है कि पेशेवर रसोइए हो या घरेलू महिलाएं अगर जरुरत से ज्यादा रसोई में समय बिताती हैं तो इससे उनके स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
क्यों है खतरनाक?
रसोई में समय बिताना शरीर के अंगों के लिए नुकसानदेह हो सकता है। क्योंकि रसोई में लगातार गैस जलने से वहां का तापमान तीस डिग्री के पार पहुंच जाता है। शोध में निकली रिपोर्ट चौंकाने वाली है। रसोई में कितनी ही सफाई की जाए लेकिन कुछ कीटाणु सेहत को नुकसान पहुंचाने लायक रह ही जाते हैं।
पीएच का लेवल खतरनाक स्तर पर
शोध के दौरान ये बात सामने आई है कि रसोई का पीएच लेवल 3.1 से 17.71 तक था। जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। इस पीएच में नेफ्थालीन, फ्लोरीन, एसनाफिथीन, फेनाथिरीन, पायरीन, जैसे तत्व पाए गए। शोध में यह भी सामने आया है कि रसोई का पीएम लेवल 71.9 माइक्रान क्यूबिक मीटर था।
रसोई का स्लैब और जमीन है नुकसानदेह
हर कोई अपने रसोई की अच्छे से सफाई करता है लेकिन अगर आप भी रसोई के स्लैब पर केवल कपड़ें से सफाई करने की आदत रखते हैं तो आपकी रसोई में बहुत से कीटाणु रह जाते हैं। स्लैब पर दिनभर हम सामान और खाने पीने की वस्तुएं रखते हैं जिससे कीटाणु आते हैं। ऐसे में अगर केवल कपड़े से सफाई की जाए तो बेशक आपकी रसोई में कीटाणु रह जाएंगे।