11 अगस्त को साल 2018 का अंतिम सूर्यग्रहण लगने जा रहा है। हिंदू शास्त्रों के अनुसार ऐसा प्रेगनेंट महिला का सूर्य ग्रहण देखना अशुभ माना जाता है। कहा जाता है कि यदि कोई प्रेगनेंट महिला सूर्य ग्रहण देख ले तो उसका बुरा असर सीधा उसके गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ता है।
यह ग्रहण दोपहर 1 बजकर 32 मिनट पर शुरू होगा और कुल 3 घंटे 30 मिनट तक रहेगा। ग्रहण का सूतक काल 10 अगस्त की रात को 12 बजे के बाद 1 बजकर 32 मिनट से शुरू हो जाएगा। ऐसे में आइए जानते हैं कैसे कोई प्रेगनेंट माहिला अपने बच्चे को ग्रहण के असर से बचा सकती है।
ग्रहण के दौरान प्रेगनेंट महिलाओं को किसी भी तरह की नुकीली चीज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। जैसे इस दौरान फल या सब्जी काटने के लिए मना किया जाता है। कहते हैं ऐसा करने से उसके शिशु के अंगों को हानि पहुंच सकती है।
ग्रहण के दौरान प्रेगनेंट महिलाओं को कैंची न इस्तेमाल करने की भी हिदायत दी जाती है। माना जाता है कि इस दौरान कैंची का इस्तेमाल करने से उसके होने वाले शिशु के होंठ कट जाते हैं।
ग्रहण के दौरान सुई का इस्तेमाल करने से गर्भ में पल रहे बच्चे के दिल में छेद हो सकता है। इसके अलावा ग्रहण के वक्त गर्भवती महिलाओं को पीनी पीने से भी मना किया जाता है। कहते हैं इससे शिशु की त्वचा रूखी हो सकती है।
मान्यता है कि ग्रहण खत्म होने के बाद गर्भवती महिला को जरूर नहा लेना चाहिए वरना उसके शिशु को त्वचा संबधी रोग लग सकते हैं। गर्हण के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए गर्भवती महिला को तुलसी का पत्ता जीभ पर रखकर हनुमान चालीसा और दुर्गा स्तुति का पाठ करना चाहिए।