नींद से संबंधित समस्याएं शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं। रात में नींद न पूरी होने की समस्या आपमें डायबिटीज, हृदय रोग, चिंता-तनाव जैसी परेशानियों के जोखिम को बढ़ाने वाली हो सकती है। पर क्या आप जानते हैं कि कुछ नींद विकार जानलेवा तक हो सकते हैं?
Sleep apnea: जानलेवा हो सकती है नींद की यह समस्या, जानिए किन उपायों से पा सकते हैं आराम?
स्लीप एपनिया के लक्षणों के बारे में जानिए
स्लीप एपनिया नींद से संबंधित एक खतरनाक विकार है जिसके बारे में जानकारी रखते हुए सभी लोगों को सावधानी बरतते रहना चाहिए। यदि आपको भी इसके लक्षण महसूस हो रहे हैं तो समय पर डॉक्टर से मिलकर इलाज जरूर प्राप्त करें। इन लक्षणों में से दो से अधिक समस्याओं का अनुभव होते रहना स्लीप एपनिया हो सकता है।
- जोर से खर्राटे लेना।
- नींद के दौरान अचानक सांस बंद होने की समस्या, यह अक्सर दूसरे लोग ही देख पाते हैं।
- नींद के दौरान हांफना
- सुबह उठने के साथ अक्सर मुंह का सूखा रहना।
- सुबह अत्यधिक सिरदर्द बना रहना।
- सोने में कठिनाई (अनिद्रा)
- दिन में बहुत नींद आना (हाइपरसोमनिया)
स्लीप एपनिया से बचने के लिए वजन करें कंट्रोल
अधिक वजन की समस्या वाले लोगों में स्लीप एपनिया की दिक्कत अधिक देखने को मिलती रही है। इससे बचाव के लिए वजन कम करना आपको लाभ दे सकता है। कुछ मामलों में वजन कम कर लेने से स्वत: ही स्लीप एपनिया की दिक्कत ठीक हो जाती है। वजन को कंट्रोल में रखकर आप कई अन्य तरह की हृदय और डायबिटीज जैसी जटिलताओं से भी खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।
नियमित व्यायाम बहुत आवश्यक
नियमित व्यायाम की आदत को स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्लीप एपनिया की समस्या वाले लोगों में लाभकारी पाया है। रोजाना कम से कम 30 मिनट के मध्यम गति वाले व्यायाम को करने से नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है और यह नींद विकारों को दूर करने में भी आपके लिए सहायक है। व्यायाम करने वाले लोगों में वजन बढ़ने का खतरा कम रहता है, जिसे इस तरह के विकारों को दूर करने के लिए आवश्यक माना जाता है।
पेट के बल सोने से मिलता है लाभ
पेट के बल सोने की आदत आपको बेहतर तरीके से सांस लेने में मदद करती है। इससे फेफड़ों को आराम मिलता है और आप अच्छी तरह से सांस ले सकते हैं। स्लीप एपनिया की समस्या में सोने के तरीके का भी विशेष प्रभाव होता है। कुछ लोगों ने पाया है कि उन्हें एक करवट सोने से भी सांस लेने में आसानी होती है। अपनी सुविधा के अनुसार सोने का तरीका बनाएं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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