Medically Reviewed by Dr. Ambika Prasad Yadav
डायबिटीज यानी मधुमेह वैसे तो एक आम, लेकिन बहुत ही गंभीर बीमारी है, जिससे दुनियाभर में करोड़ों लोग जूझ रहे हैं। मधुमेह समय के साथ हृदय, रक्त वाहिकाओं, आंखों, गुर्दे (किडनी) और तंत्रिकाओं को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। इसके मरीजों में किडनी डिजीज (बीमारी) होने की संभावना अधिक होती है। दरअसल, डायबिटीज में लगातार उच्च शर्करा से किडनी की छोटी रक्त वाहिकाओं को काफी नुकसान होता है। ये नुकसान धीरे-धीरे किडनी खराब करने की दिशा में अग्रसर हो जाता है। इससे मौत का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि डायाबिटीज के कारण अगर मरीजों की किडनी पर हुए असर का जरूरी उपचार जल्दी करा लिया जाए, तो किडनी को खराब होने से रोका जा सकता है। आइए जानते हैं डायाबिटीज से किडनी को होने वाले नुकसान के लक्षणों के बारे में, जिन्हें नजरअंदाज करने की गलती भूलकर भी नहीं करनी चाहिए।
सावधान: डायबिटीज के कारण किडनी हो सकती है खराब, इन लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज
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डायबिटीज मरीजों की किडनी खराब होने की संभावना कितनी होती है?
- विशेषज्ञ कहते हैं कि टाइप-1 डायबिटीज में 30 से 35 फीसदी मरीजों की किडनी खराब होने की संभावना रहती है, जबकि टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों में 10 से 40 फीसदी मरीजों की किडनी खराब होने की संभावना रहती है। इसलिए इस बीमारी से पीड़ितों को सावधान रहने की जरूरत होती है।
किडनी खराब होनी कब शुरू होती है?
- विशेषज्ञ कहते हैं कि डायबिटीज के रोगियों की किडनी इतनी जल्दी खराब नहीं होती है, इसमें 15-20 साल लग जाते हैं। हालांकि अगर शुरुआत से ही डायबिटीज का सही इलाज कराया जाए तो डायबिटिक किडनी डिजीज होने के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
किन परिस्थितियों में अधिक होती है किडनी डिजीज होने की संभावना?
- डायबिटीज कम उम्र में हुआ हो
- लंबे समय से डायबिटीज हो
- डायबिटीज और खून के दबाव पर नियंत्रण न हो
- पेशाब में प्रोटीन का जाना
- मोटापा और धूम्रपान करने की स्थिति में
- परिवार में किसी को डायबिटीज के कारण किडनी डिजीज हुई हो
डायबिटीज से किडनी को होने वाले नुकसान के लक्षण क्या हैं?
- कमजोरी, थकान, मितली
- भूख में कमी, उल्टी, खुजली
- सांस लेने में तकलीफ
- पेशाब की जांच में आल्ब्यूमिन (प्रोटीन) जाना
- चेहरे पर सूजन आना
- डायबिटीज के लिए जरूरी दवा या इंसुलिन की मात्रा में कमी होना
- डायबिटीज पर अच्छी तरह नियंत्रण न रहना
नोट: डॉ. अंबिका प्रसाद यादव, वाराणसी के उजाला सिग्नस अस्पताल में इंटरनल मेडिसिन, डायबिटीज और हाइपरटेंशन कंसल्टेंट हैं। इन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से मेडिसिन में एमबीबीएस और एमडी किया है।
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