किडनी हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। स्वस्थ किडनी हर मिनट में लगभग आधा कप रक्त फिल्टर करती है, अपशिष्ट पदार्थ और अतिरिक्त तरल को मूत्र के माध्यम से शरीर से बाहर करने में मदद करती है। अगर आपको किडनी में किसी भी प्रकार की समस्या है तो ये कार्य बाधित हो सकते हैं, जिसके कारण कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं।
Kidney Problem: आपको भी रहती है नींद न आने और थकान की समस्या, कहीं ये किडनी की बीमारियों का संकेत तो नहीं?
किडनी रोग में हो सकती है नींद न आने की समस्या
किडनी के ज्यादातर लक्षण मूत्रमार्ग से संबंधित होते हैं, पर नींद आने की समस्या भी किडनी रोगों का संकेत हो सकती है। जब किडनी ठीक से फ़िल्टर नहीं कर पाती है, तो विषाक्त पदार्थ मूत्र के माध्यम से शरीर से बाहर निकलने के बजाय रक्त में ही बढ़ने लगते हैं, इससे सोना मुश्किल हो सकता है। अगर आपको अक्सर नींद न आने की समस्या होती रहती है साथ ही किडनी से संबंधित कुछ और समस्याएं हैं तो इसपर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए।
ड्राई स्किन और खुजली की समस्या
किडनी आपके शरीर से अपशिष्ट और अतिरिक्त तरल पदार्थ निकालती है। जब किडनी, आपके शरीर से अपशिष्ट को बाहर नहीं निकाल पा रही होती है तो इसके कारण त्वचा पर दाने या चकत्ते की भी दिक्कत हो सकती है। त्वचा पर लालिमा, सूखापन और हल्के उभार की समस्या भी विकारों का संकेत हो सकती है। त्वचा की इस तरह की दिक्कतें लंबे समय तक बनी रहती हैं तो आपको किसी विशेषज्ञ से मिलकर इसकी जांच करा लेनी चाहिए।
बार-बार पेशाब करने की आवश्यकता महसूस होना
यदि आपको बार-बार पेशाब करने की आवश्यकता महसूस होती है, खासकर रात में, तो यह किडनी की बीमारी का संकेत हो सकता है। जब किडनी के फिल्टर सामान्य तौर पर ठीक से काम नहीं कर रहे होते हैं, तो इससे पेशाब करने की इच्छा बढ़ जाती है। कभी-कभी यह पुरुषों में मूत्र संक्रमण या बढ़े हुए प्रोस्टेट का संकेत भी हो सकता है। डायबिटीज में भी ये दिक्कत होना सामान्य है इसलिए सही निदान के लिए डॉक्टर से मिलना आवश्यक हो जाता है।
थकान और कमजोरी की समस्या
अगर आप उपरोक्त लक्षणों के साथ अक्सर थकान, ऊर्जा में कमी की समस्या महसूस करते हैं तो ये किडनी की कार्यक्षमता में कमी और कुछ प्रकार की किडनी बीमारियों का भी संकेत हो सकती है। रक्त में विषाक्त पदार्थों और अशुद्धियों के निर्माण के कारण भी थकान, कमजोरी महसूस हो सकती है और ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो सकता है। किडनी रोग के शिकार कुछ लोगों में एनीमिया का भी जोखिम रहता है इसके कारण भी कमजोरी और थकान बनी रहती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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