देश में कोरोना संक्रमितों के आंकड़े लगातार बढ़ते जा रहे हैं। कोरोना की रफ्तार को नियंत्रित करने के लिए सरकार टीकाकरण पर विशेष जोर दे रही है। 1 मई से अब 18 साल या उससे अधिक आयु के लोग भी टीकाकरण करा सकेंगे। इस बीच लोगों के मन में टीकाकरण को लेकर कई तरह के सवाल और भ्रम हैं। ऐसा ही एक सवाल है कि जो लोग कोरोना से संक्रमित हैं, क्या उन्हें भी टीकाकरण करवाना चाहिए? यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विशेषज्ञ बताते रहे हैं कि कोरोना से संक्रमण के बाद लोगों के शरीर में स्वत: एंटीबॉडीज बन जाती हैं। ऐसे में वैक्सीन लगवाने के बाद कहीं शरीर में 'डबल एंटीबॉडी' से नुकसान का डर तो नहीं है? आइए इस बारे में विशेषज्ञों से जानते हैं।
विशेषज्ञ से जानें: क्या कोरोना संक्रमित भी लगवा सकते हैं वैक्सीन?
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कोविड से ठीक हो चुके लोगों के लिए कितना जरूरी है वैक्सीन
इस बारे में जानने के लिए हमने एम्स में कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ अजीत सिंह से बातचीत की। डॉ अजीत सिंह बताते हैं कि जिन लोगों को कोरोना का संक्रमण हो जाता है उनका शरीर खुद ही वायरस के खिलाफ इम्यून रिस्पांस तैयार कर लेता है। ऐसे लोगों के शरीर में स्वत: ही एंटीबॉडीज आ जाती हैं जो उनकी रक्षा करने के लिए काफी होती हैं, लेकिन देखने को मिल रहा है कि ये एंटीबॉडीज दो से तीन महीने के बाद नष्ट हो जाती हैं।
डॉ अजीत बताते हैं कि कोविड संक्रमितों को टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद तुरंत वैक्सीन लगवाने की जरूरत नहीं है। जब शरीर में बनी एंटीबॉडीज नष्ट हो जाएं, जिसमें करीबन तीन महीने का समय लगता है, आप तब वैक्सिनेशन करा सकते हैं। मूलरूप से देखा जाए तो संक्रमण से बनी एंटीबॉडीज और वैक्सीन का प्रभाव एक जैसा ही होता है, बस खुद से बनी एंटीबॉडीज बहुत लंबे समय तक शरीर में मौजूद नहीं रहती हैं।
डॉ अजीत सिंह बताते हैं कि देश में कई बीमारियों के लिए टीकाकरण होता रहता है, उन वैक्सीनों का भी लोगों में कुछ साइड इफेक्ट्स होता है। कोरोना वैक्सीन के साथ भी ऐसा ही है। सामान्य तौर पर इस वैक्सीन के पहले डोज के बाद लोगों को हल्के बुखार, कमजोरी और शरीर में दर्द जैसा अनुभव हो रहा है, हालांकि यह दिक्कतें एक-दो दिन में ठीक भी हो जाती हैं। इसके अलावा वैक्सीन के कोई और गंभीर साइड इफेक्ट्स देखने को नहीं मिले हैं।
इस सवाल के जवाब में डॉ अजीत कहते हैं कि वैक्सीन लगवाने के बाद सामान्य तौर पर लोग निडर हो जाते हैं, आपको इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा। वैक्सीन की पहली डोज के बाद इसका ज्यादा असर शरीर में नहीं होता है, दूसरी डोज के बाद ही वैक्सीन की प्रभाविकता 80 फीसदी से ऊपर की मानी जाती है। वैक्सीन लगवाने के बाद भी आपको सभी सावधानियां बरतनी चाहिए। टीकाकरण के बाद आप तो सुरक्षित हो जाते हैं पर अगर आप सावधानियां नहीं बरतेंगे तो जिन लोगों ने टीका नहीं लगवाया है, आप उन्हें संक्रमित जरूर कर देते हैं।
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नोट: यह लेख एम्स में कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ अजीत सिंह ओबेरॉय से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।