शरीर को स्वस्थ और बीमारियों से मुक्त रखने के लिए लाइफस्टाइल और खान-पान को ठीक रखना तो जरूरी है ही, इसके साथ नियमित रूप से हेल्थ चेकअप कराते रहना भी जरूरी हो गया है। कई अध्ययनों से पता चलता है कि डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और फैटी लिवर जैसी कई बीमारियां शुरुआत में बिना स्पष्ट लक्षणों के बढ़ती रहती हैं। ऐसे में अगर जांच से इनका समय रहते पता लगाकर इलाज न कराया जाए तो इन बीमारियों के गंभीर रूप लेने का खतरा बढ़ जाता है।
सेहत की बात: ब्लड टेस्ट की रिपोर्ट नॉर्मल है फिर भी शरीर में छिपी हो सकती हैं बीमारियां, कब हो जाएं अलर्ट?
ब्लड रिपोर्ट नॉर्मल होने का मतलब यह नहीं कि शरीर में कोई बीमारी नहीं है। दिल की धमनियों, शुरुआती किडनी रोग, फैटी लिवर, ऑस्टियोपोरोसिस और कुछ कैंसर के लिए अलग जांच की जरूरत पड़ सकती है। कौन-सा टेस्ट कराना है, यह आपके लक्षण, उम्र और जोखिम के आधार पर डॉक्टर तय करते हैं।
केवल ब्लड टेस्ट से नहीं पता चलता सेहत का हाल
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, केवल ब्लड टेस्ट से ही शरीर की हर बीमारी का पता नहीं लगा सकता। सामान्य ब्लड शुगर से दिल की धमनियों में जमा प्लाक का पता नहीं चलता। इसी तरह कंपलीट ब्लड काउंट (सीबीसी) से हर तरह की पोषण संबंधी कमियों का भी पता नहीं चल पाता।
किडनी, लिवर या कुछ कैंसर की शुरुआती समस्याओं में भी सामान्य जांच के बावजूद बीमारी मौजूद हो सकती है। ऐसे में डॉक्टर आपकी सेहत और लाइफस्टाइल को देखकर ये आकलन करते हैं कि आपके लिए कौन-सी जांच जरूरी है? इसलिए बिना वजह ढेर सारे टेस्ट कराने के बजाय सही समय पर सही जांच कराना ज्यादा जरूरी है।
नॉर्मल रिपोर्ट के बाद भी छिपी हो सकती हैं बीमारियां
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, हर जांच की अपनी सीमा होती है। कोई टेस्ट किसी खास बीमारी या शरीर के किसी खास अंग की स्थिति बताती है। बीमारी शुरुआती चरण में हो, लक्षण न हों या जांच सही समय पर न हुई हो, तो इससे भी रिपोर्ट सामान्य आ सकती है। कई बार रिपोर्ट नॉर्मल आने के बाद भी डॉक्टर कुछ और टेस्ट कराने की सलाह दे सकते हैं।
- सामान्य ब्लड टेस्ट से धमनियों में ब्लॉकेज का पता नहीं चलता। इसलिए दिल की बीमारियों के लक्षण और जोखिम के आधार पर डॉक्टर ईसीजी, इकोकार्डियोग्राम या अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं।
- ब्लड टेस्ट में क्रिएटिनिन सामान्य होने पर भी कुछ लोगों में किडनी की बीमारी हो सकती है। किडनी की छिपी समस्याओं का पता लगाने के लिए डॉक्टर यूरिन एल्ब्यूमिन-टू-क्रिएटिनिन रेशियो और पेशाब की जांच की सलाह दे सकते हैं।
- लिवर एंजाइम सामान्य होने पर भी फैटी लिवर या लिवर में फाइब्रोसिस हो सकता है। इसलिए मरीजों को जरूरत पड़ने पर अल्ट्रासाउंड और अन्य जांच की सलाह दी जाती है।
फिर सामान्य सीबीसी से क्या पता चलता है?
सीबीसी एक सामान्य ब्लड टेस्ट है, जिसके जरिए शरीर की सेहत और खून से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलती हैं। इस जांच में मुख्य रूप से लाल रक्त कोशिकाओं (आरबीसी), सफेद रक्त कोशिकाओं (डब्ल्यूबीसी) और प्लेटलेट्स की मात्रा का पता लगाया जाता है।
- सीबीसी टेस्ट से शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया, संक्रमण और कुछ मामलों में सूजन से जुड़े संकेतों का पता चलता है।
- इसके अलावा यह जांच बताती है कि शरीर में हीमोग्लोबिन और प्लेटलेट्स की संख्या सामान्य है या नहीं?
- डॉक्टर बुखार, कमजोरी, थकान, चक्कर आने या किसी संक्रामक बीमारी का पता लगाने के लिए सीबीसी टेस्ट कराने की सलाह देते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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