दुनियाभर में तेजी से बढ़ता कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। ओमिक्रॉन के संक्रमण की रफ्तार काफी तेज बताई जा रही है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई देशों में इसका संक्रमण कुछ ही दिनों में कम्युनिटी स्प्रेड का रूप लेने लगा है। ब्रिटेन, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में ओमिक्रॉन वैरिएंट खूब तबाही मचा रहा है। भारत के संदर्भ में बात करें तो संक्रमण के मामलों में यहां भी तेजी देखने को मिल रही है। दुनियाभर के तमाम वैज्ञानिक कोरोना के इस बेहद संक्रामक माने जा रहे वैरिएंट के बारे में जानने और इससे बचाव के तरीके ढूंढने की कोशिशों में लगे हुए है।
बड़ी कामयाबी: च्युइंग गम चबाकर रोक सकते हैं कोरोना का प्रसार, वैज्ञानिकों ने अध्ययन में पाया बेहद असरदार
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रोका जा सकेगा कोरोना का प्रसार
'मॉलिक्यूलर थेरेपी जर्नल' में प्रकाशित अध्ययन में वैज्ञानिकों ने इस च्युइंग गम के बारे में बताया है। पेन स्कूल ऑफ डेंटल मेडिसिन के प्रोफेसर हेनरी डेनियल और यूएसए वैज्ञानिकों के सहयोग से तैयार किए गए इस च्युइंग गम को कोविड-19 महामारी के खिलाफ कारगर शस्त्र के रूप में देखा जा रहा है। वैज्ञानिकों का दावा है कि इस च्युइंग गम को प्रयोग में लाकर कोरोना वायरस के होने वाले प्रसार को कम करने में विशेष मदद मिल सकती है।
लार में ही वायरस को कर देगा बेअसर
प्रोफेसर हेनरी डेनियल कहते हैं, पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से सार्स-सीओवी-2 वायरस को लेकर चल रहे अध्ययनों से पता चल चुका है कि यह वायरस लार ग्रंथियों में प्रतिकृति करता है। जब कोई संक्रमित व्यक्ति छींकता, खांसता है या बोलता है तो उससे निकलने वाले ड्रॉपलेट्स के माध्मय से यह दूसरों तक पहुंच सकता है। यह च्युइंग गम लार में ही वायरस को बेअसर करने का क्षमता रखता है, जिससे रोग संचरण के खतरे को कम करने में मदद मिल सकेगी।
ACE2 रेस्पिरेटर का उपयोग करके किया विकसित
मुंह में ही कोरोना वायरस को बेअसर करने के उद्देश्य से वैज्ञानिकों ने पौधे से उगाए गए प्रोटीन से एक च्यूइंग गम विकसित करने की शुरुआत की। इसके लिए टीम ने पौधों में ACE2 रेस्पिरेटर विकसित किया। इसमें उन यौगिकों को भी शामिल किया गया जिसने प्रोटीन को म्यूकोसल बाधाओं को पार करने में सक्षम बनाया जा सके। च्युइंग गम को कोविड रोगियों के स्वैब पर परीक्षण करने से पता चला कि इसमें मौजूद ACE2, सार्स-सीओवी-2 वायरस को अप्रभावी कर सकते हैं।
क्या कहते हैं वैज्ञानिक?
प्रोफेसर डेनियल कहते हैं, कोरोना के संचरण की संभावना को कम करने के लिए हम पहले से ही मास्क और अन्य उपायों को प्रयोग में ला रहे हैं। यह च्युइंग गम उस लड़ाई में एक अतिरिक्त उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। वैसे तो यह अनुसंधान अभी प्रारंभिक चरणों में है, हालांकि नैदानिक परीक्षण यह साबित करते हैं कि च्युइंग गम, मसूड़ों के लिए सुरक्षित है। यह उन रोगियों को दिया जा सकता है जिनकी संक्रमण की स्थिति अज्ञात है।
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स्रोत और संदर्भ
Debulking SARS-CoV-2 in saliva using angiotensin converting enzyme 2 in chewing gum to decrease oral virus transmission and infection
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