कोरोना संक्रमण के प्रभावों को लेकर हुए अब तक के कई अध्ययनों से स्पष्ट होता है कि इसे सिर्फ श्वसन पथ का संक्रमण नहीं माना जा सकता है। सार्स-सीओवी-2 वायरस शरीर के कई अंगों को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। हृदय, फेफड़े, रक्त वाहिकाओं और आंखों के अलावा कोरोना संक्रमण के कारण हड्डियों पर भी दुष्प्रभाव देखने को मिल रहा है।
Covid-19 Study: हृदय-फेफड़ों के साथ हड्डियों को भी गंभीर क्षति पहुंचा सकता है संक्रमण, वैज्ञानिकों ने किया सावधान
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कोरोना का हड्डियों के मेटाबॉलिज्म पर असर
हांगकांग विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने इस शोध के दौरान कोरोना संक्रमण के हड्डियों की सेहत पर होने वाले दुष्प्रभावों को जानने के लिए अध्ययन किया। वैज्ञानिकों ने पाया कि कोरोना संक्रमण के कारण अब तक लोगों में हृदय, मस्तिष्क, फेफड़े और शरीर के अन्य अंगों से संबंधित समस्याएं देखी जाती रही हैं। हालांकि इस अध्ययन के दौरान यह जानने की कोशिश की गई कि वायरस, हड्डियों के मेटाबॉलिज्म को किस प्रकार से प्रभावित करता है?
शोध के परिणाम बताते हैं कि संक्रमण के कारण हड्डियों के ऊतकों पर भी गंभीर असर हो सकता है, जिसका समय रहते पहचान किया जाना आवश्यक है।
अध्ययन में क्या पता चला?
शोधकर्ताओं की टीम ने इस अध्ययन के लिए संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों की हड्डियों के ऊतकों की थ्री डायमेंशनल माइक्रोकंप्यूटरीकृत टोमोग्राफी (सीटी) स्कैन करके उसका विश्लेषण किया। टीम ने पाया कि सार्स-सीओवी-2 वायरस 20-50 फीसदी तक हड्डियों की गंभीर क्षति का कारण बन सकता है।
संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों में ऑस्टियोपेनिया की समस्या रिपोर्ट की गई। यह स्थिति हड्डी के ऊतकों में प्रोटीन और अन्य आवश्य खनिज सामग्री की कम को प्रदर्शित करती है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
अध्ययन के बारे में बताते हुए प्रमुख लेखक का कहना है कि कोविड-19 को सिर्फ श्वसन संक्रमण तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। लॉन्ग कोविड समस्या के तौर पर लोगों में जिस प्रकार से हड्डियों की दिक्कत देखी गई है, इसपर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। हड्डी के ऊतकों में आई पोषकता की कमी, कम उम्र में ही कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों का कारण बन सकती है। पोस्ट कोविड के मामलों में चिकित्सकों को इससे संबंधित जांच भी जरूर करनी चाहिए।
लॉन्ग कोविड में हड्डियों से संबंधित समस्याएं
यह अब तक का पहला ऐसा अध्ययन है जिसमें कोरोना संक्रमण के कारण हड्डियों के मेटाबॉलिज्म से संबंधित समस्याओं के बारे में पता चलता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि वैक्सीनेटेड और बिना वैक्सीनेशन वाले लोगों में इसका क्या प्रभाव हो सकता है, इस बारे में जानने के लिए शोध किया जा रहा है। फिलहाल अध्ययन के परिणाम इस ओर इशारा करते हैं कि संक्रमितों में लॉन्ग कोविड के रूप में हड्डियों से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं, जिसको लेकर गंभीरता से ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।
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स्रोत और संदर्भ
SARS-CoV-2 infection induces inflammatory bone loss in golden Syrian hamsters
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