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काला हिरण मामले में सजा काट रहे सलमान खान को जेल में लग सकता है शॉक, वजह बेहद दर्दनाक
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Updated Sat, 07 Apr 2018 11:06 AM IST
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काला हिरण शिकार मामले में सलमान खान को अभी कुछ और रातें जेल में बितानी पड़ सकती हैं। जिसके बाद उनके फैंस के लिए एक और बुरी खबर है। बता दें, सलमान खान को जेल में शॉक लग सकता है। दरअसल बहुत कम ही लोग इस बात को जानते हैं कि सलमान एक दुर्लभ और तकलीफदेह बीमारी का शिकार हैं। जिसका नाम ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया है। यह नर्व डिसऑर्डर सबसे तकलीफदेह बीमारियों में से एक है। आइए जानते हैं क्या होती है यह गंभीर बीमारी ....
साल 2001 में सलमान ने फैंस को बताया था कि उनकी आवाज कभी-कभी कर्कश हो जाती है। यह इसलिए नहीं होता क्योंकि वह नशे में हैं, बल्कि यह सब इस बीमारी की वजह से होता है। ट्यूबलाइट के एक प्रमोशनल ईवेंट के दौरान उन्होंने बताया कि उन्हें ट्राइजेमिनल न्यूरालजिया नामक एक खतरनाक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है। यह बीमारी इतनी खतरनाक है कि इसे 'सुसाइडल डिजीज' भी कहा जाता है। इसका शिकार व्यक्ति दर्द की वजह से आत्महत्या तक करने की सोचने लगता है। सलमान ने बताया कि उन्हें भी इस बीमारी के कारण कई बार सुसाइड करने का विचार आया था।
क्या है ट्राइजेमिनल न्यूरालजिया ?
क्या है ट्राइजेमिनल न्यूरालजिया ?
ट्राइजेमिनल न्यूरालजिया
ट्राइजेमिनल न्यूरालजिया एक क्रॉनिक पेन कंडीशन है। शोध के अनुसार अस्वभाविक रूप से बढ़ी हुई एक रक्त वाहिका ट्राइजेमिनल नर्व पर दबाव डालती है जिससे नर्व में एक शॉट सर्किट जैसा होता है। जिसकी वजह से रोगी को दर्द का अहसास होता है। ये दर्द और जलन कुछ सेकंड से लेकर दो मिनट तक हो सकता है। कई बार चेहरे के दोनों तरफ एक साथ या अलग-अलग भी दर्द होता है।
ट्राइजेमिनल न्यूरालजिया एक क्रॉनिक पेन कंडीशन है। शोध के अनुसार अस्वभाविक रूप से बढ़ी हुई एक रक्त वाहिका ट्राइजेमिनल नर्व पर दबाव डालती है जिससे नर्व में एक शॉट सर्किट जैसा होता है। जिसकी वजह से रोगी को दर्द का अहसास होता है। ये दर्द और जलन कुछ सेकंड से लेकर दो मिनट तक हो सकता है। कई बार चेहरे के दोनों तरफ एक साथ या अलग-अलग भी दर्द होता है।
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कितने तरह का होता है ट्राइजेमिनल न्यूरालजिया
ट्राइजेमिनल न्यूरालजिया दो तरह का होता है। पहला टाइप 1 या T1 और दूसरा टाइप 2 या T2 होता है। T1 में थोड़ी-थोड़ी देर में अचानक तेज दर्द और जलन होने लगती है। जबकि T2 में लगातार दर्द, जलन और चुभन का अहसास बना रहता है।
ट्राइजेमिनल न्यूरालजिया दो तरह का होता है। पहला टाइप 1 या T1 और दूसरा टाइप 2 या T2 होता है। T1 में थोड़ी-थोड़ी देर में अचानक तेज दर्द और जलन होने लगती है। जबकि T2 में लगातार दर्द, जलन और चुभन का अहसास बना रहता है।
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ट्राइजेमिनल न्यूरालजिया होने के कारण?
किसी ब्लड वेसल द्वारा ट्राइजेमिनल नर्व के दब जाने के कारण,मल्टीपल स्क्लेरोसिस की बीमारी के कारण,आर्टरीज में किसी ट्यूमर की वजह से या किसी इंज्युरी, सर्जरी, स्ट्रोक की वजह से भी ट्राइजेमिनल न्यूरालजिया हो सकता है।
किसी ब्लड वेसल द्वारा ट्राइजेमिनल नर्व के दब जाने के कारण,मल्टीपल स्क्लेरोसिस की बीमारी के कारण,आर्टरीज में किसी ट्यूमर की वजह से या किसी इंज्युरी, सर्जरी, स्ट्रोक की वजह से भी ट्राइजेमिनल न्यूरालजिया हो सकता है।