कोरोना वायरस का संक्रमण देश और दुनिया में बढ़ता ही जा रहा है। देश में हर दिन कोरोना के हजारों नए मामले सामने आ रहे हैं। राहत की बात यह है कि हर दिन बड़ी संख्या में लोग स्वस्थ भी हो रहे हैं। पहले से उपलब्ध और पिछले कुछ महीनों में लॉन्च हुई दवाओं के जरिए कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों का इलाज किया जा रहा है। वहीं, दुनियाभर के 120 से ज्यादा वैक्सीन कैंडिडेट पर काम हो रहा है। भारत, ब्रिटेन, अमेरिका, रूस समेत कई देश इसकी वैक्सीन तैयार करने के करीब हैं। वैज्ञानिक और शोध संस्थान कोरोना को लेकर लगातार शोध में लगे हैं। अब एक शोध अध्ययन में कोरोना वायरस की एक कमजोरी सामने आई है।
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Coronavirus: वैज्ञानिकों ने खोजी कोरोना की कमजोरी, इस तरह के पानी से खत्म होगा वायरस
Tue, 04 Aug 2020 09:53 PM IST
निलेश कुमार
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Tue, 04 Aug 2020 09:53 PM IST
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CoronaVirus Weakness
- फोटो : iStock/Amar Ujala
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
- स्वास्थ्य जगत से जुड़े शोधकर्ता और वैज्ञानिक कोरोना महामारी को रोकने के लिए वैज्ञानिक वैक्सीन विकसित करने में लगे हुए हैं तो दूसरी ओर कोरोना वायरस के बारे में नई-नई चीजों को भी समझ रहे हैं। इसी कड़ी में रूसी वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस की कमजोरी पता करने में कामयाबी हासिल की है।
शोध
- फोटो : फाइल फोटो
- खबरों के मुताबिक, रूस के वेक्टर स्टेट रिसर्च सेंटर ऑफ वायरोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी की रिसर्च टीम ने, साइबेरिया में पता लगाया है कि कमरे के तापमान पर पानी तेजी से फैल रहे वायरस को रोकने में कारगर हो सकता है।
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Research
- फोटो : Pixabay
- वेक्टर स्टेट रिसर्च सेंटर ऑफ वायरोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी के शोध में पाया गया कि सामान्य पानीकोरोना वायरस को बढ़ने से रोक सकता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, 24 घंटे के अंतराल में कमरे के तापमान पर मौजूद पानी में कोरोना वायरस के 90 फीसदी कण नष्ट हो गए, अगले 72 घंटों में 99.9 फीसदी वायरस कण खत्म हो गए।
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Research
- फोटो : Pixabay
क्लोरीन युक्त पानी भी है असरदार
- शोधकर्ताओं के मुताबिक, क्लोरीन वाला पानी भी कोरोना वायरस को मारने में कारगर है। शोधकर्ताओं ने पाया कि कोरोना वायरस समुद्र के पानी में कुछ देर जिंदा जरूर रह सकता है, लेकिन बढ़ता नहीं है। क्लोरीन के पानी में भी यही बात लागू होती है। हालांकि कोरोना कितनी देर जिंदा रहेगा, यह पानी के तापमान पर भी निर्भर करता है।