स्तन कैंसर आज के समय की एक गंभीर बीमारी बन चुका है। महिलाओं को मौत के दरवाजे तक ले जाने वाली यह बीमारी बहुत ही घातक है। भारत की हर 8 महिलाओं में से एक महिला इस बीमारी के चपेट में है। बता दें कि साल 2018 में लगभग 1,62,468 स्तन कैंसर के मामले सामने आए हैं, जिसमें से लगभग 87,090 महिलाओं की मृत्यु स्तन कैंसर के कारण हुई। हालांकि समय रहते इस बीमारी का पता चलने पर इलाज से ठीक होने की संभावना रहती है। आइए जानते हैं किन कारणों से होता है यह कैंसर...
ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ा सकती है ये आदतें, ऐसे करें बचाव
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स्तन कैंसर होने के कारण
व्यस्त जीवन के कारण इंसाल के जीवनशैली में काफी कुछ बदलाव आया है। लोग घर पर खाना न खाने के बजाए बाहर खाना पसंद करते हैं। बता दें कि ज्यादा कोलेस्ट्रॉल वाला खाना, फास्ट फूड, जंक फूड, ऑयली भोजन स्तन कैंसर की सबसे बड़ी वजह है। यह कैंसर स्तन में छोटे कैल्शिफिकेशन यानी सख्त कण के जमने से या स्तन के टिश्यू में छोटी गांठ के रूप में बनते हैं और फिर बढ़कर कैंसर में ढलने लगते हैं। रक्त प्रवाह के जरिये इसका प्रसार अन्य अंगों की ओर हो सकता है।
इन महिलाओं को अधिक खतरा
मोनोपॉज के बाद हार्मोन रिप्लेसमेंट कराने वाली या गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा सबसे ज्यादा होता है। इसके साथ ही शिशु को स्तनपान न करवाना भी एक बहुत बड़ा कारण हो सकता है।
इलाज की संभावना
स्तन कैंसर के चार चरण होते हैं। अगर पहले स्टेज पर ही इसकी जानकारी हो जाए तो ठीक होने की संभावना 80 फीसदी होती है। वहीं दूसरे स्टेज में यह संभावना 60 फीसदी रह जाती है। लेकिन तीसरे और चौथे स्टेज में इस कैंसर के इलाज से ठीक होने की संभावना न के बराबर रह जाती है।
ऐसे करें बचाव
- रोजाना कम से कम 30 मिनट तक व्यायाम करें।
- धूम्रपान और अल्कोहल के वजह से भी ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है। ऐसे में इन चीजों से दूरी में ही भलाई है।
- वजन को नियंत्रित रखें।
- मशरुम, प्याज, लहसुन, अदरक, पपीता, गाजर, संतरा, ग्रीन टी, ब्रोकली और हरी सब्जियां आहार में शामिल करें।
- प्रोटीन, फाइबर और फोलेट से भरपूर दालें खाने से भी कैंसर की संभावना काफी हद तक कम होती है।