क्या बीमारी भी अमीरी-गरीबी देखकर होती है? इसका सीधा सा जवाब है-नहीं। पर क्या आप जानते हैं कि वैश्विक स्तर पर बीमारियों की सूची में एक बीमारी को अमीरी से जोड़कर देखा जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह बीमारी ज्यादातर उन लोगों को प्रभावित करती है जिनकी जीवनशैली और खान-पान रईसों वाली होती हैं, मेडिकल की भाषा में इस स्वास्थ्य समस्या को 'गाउट आर्थराइटिस' के रूप में जाना जाता है।
Rich Man's Disease: इसे माना जाता है 'अमीरों की बीमारी', जानिए इसके लक्षण, कारण से लेकर बचाव तक विस्तार से
गाउट-अमीरों की बीमारी
गाउट को अमीरों की बीमारी के रूप में वर्णित किया गया है, इसका प्रमुख कारण रेड वाइन, रेड मीट और अन्य समृद्ध खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन माना जाता है। ये खाद्य और पेय पदार्थ अपेक्षाकृत महंगे होते हैं और शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ा देते हैं। बढ़े हुए यूरिक एसिड के कारण जोड़ों की समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
इस समस्या पर यदि समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यूरिक एसिड किडनी में यूरिक एसिड क्रिस्टल बनाने लगते हैं जिसके कारण किडनी स्टोन होने का जोखिम भी बढ़ जाता है।
गाउट के लक्षणों को जानिए?
अधिकतर मामलों में गाउट के लक्षण अचानक और अक्सर रात में विकसित या नजर आ सकते हैं। इसके कारण जोड़ों का तेज दर्द, विशेषकर पैर के अंगूठे में समस्या का अनुभव होता है। गंभीर दर्द के कम होने के बाद जोड़ों की कुछ परेशानी कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ्तों तक भी रह सकती है। इसके अलावा प्रभावित जोड़ सूजे हुए, गर्म और लाल हो जाते हैं। जैसे-जैसे गाउट बढ़ता है, आपके लिए जोड़ों को सामान्य रूप से हिलाना तक भी कठिन हो जाता है।
गाउट क्यों होता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, जब आपके जोड़ों में यूरेट क्रिस्टल जमा होने लगते हैं तो यह स्थिति सूजन और तीव्र दर्द वाले गाउट का कारण बन सकती है। रक्त में यूरिक एसिड का स्तर अधिक हो जाने पर यूरेट क्रिस्टल बनते हैं। इसके अलावा रेड मीट जैसे कुछ कुछ खाद्य पदार्थों में प्यूरीन नामक तत्व पाया जाता है, यह भी यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ावा दे सकती है। समुद्री भोजन, मादक पेय, मांसाहार आदि के कारण गाउट का खतरा अधिक होता है, यही कारण है कि इसे अमीरों की बीमारी कहा जाता है।
गाउट से बचाव और इलाज
दवाओं और जीवनशैली में बदलाव के आधार पर गाउट के लक्षणों को कम किया जा सकता है। इसके लिए एंटी-इंफ्लामेटरी और दर्द निवारक दवाओं को प्रयोग में लाया जाता है। डॉक्टर्स के मुताबिक गाउट के लक्षणों को कम करने के लिए दवाओं के साथ जीवनशैली को ठीक रखना भी आवश्यक हो जाता है। इसके लिए स्वस्थ और पौष्टिक चीजों का सेवन करें। ऐसे खाद्य पदार्थों से बचें जिनमें प्यूरीन की मात्रा अधिक हो। इसके अलावा नियमित व्यायाम और वजन को कंट्रोल करके भी बचाव किया जा सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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