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डायबिटीज से हैं परेशान तो गेहूं के आटे में इसको मिलाकर खाने से होगा फायदा
Thu, 18 Jul 2019 04:18 PM IST
मोना नारंग
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: मोना नारंग
Updated Thu, 18 Jul 2019 04:18 PM IST
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भारत में डायबिटीज के रोगियों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इसकी एक वजह है गलत खानपान इसलिए हमेशा अपने आहार का ध्यान रखना चाहिए। डायबिटीज के रोगियों के लिए बहुत सारे खाद्य पदार्थों का सेवन करना मना होता है। ऐसे में उनको किस तरह के पदार्थ दिए जाए कि उनको पोषण भी मिलता रहे और उनका शुगर लेवल भी सामान्य रहें। तो आज हम आपको बेसन की रोटी के बारे में बताने जा रहें हैं जिसका सेवन शुगर के मरीजों के लिए फायदेमंद है।
कैसे बनती है चने की रोटी
गेंहू और चने के आटे को मिलाकर रोटी बनाई जाती है जिसे मिस्सी रोटी भी कहते हैं। इसको बनाने के लिए चने के आटे यानि बेसन और गेंहू के आटे का अनुपात एक और दो में रखना चाहिए। जैसे अगर एक कप गेंहू का आटा लिया है तो दो कप चने का आटा लेकर गू्ंथ लेना चाहिए। फिर इसकी रोटी बनानी चाहिए।
गेंहू और चने के आटे को मिलाकर रोटी बनाई जाती है जिसे मिस्सी रोटी भी कहते हैं। इसको बनाने के लिए चने के आटे यानि बेसन और गेंहू के आटे का अनुपात एक और दो में रखना चाहिए। जैसे अगर एक कप गेंहू का आटा लिया है तो दो कप चने का आटा लेकर गू्ंथ लेना चाहिए। फिर इसकी रोटी बनानी चाहिए।
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चने की रोटी के फायदे
डायबिटीज के मरीजों के लिए चने की रोटी वरदान है क्योंकि कई बार डॉक्टर केवल गेंहू के आटे की रोटी खाने से मना करते हैं। चने को मिलाकर बनाने से रोटी का स्वाद तो बढ़ता ही है साथ ही इसको खाने से शुगर का स्तर भी सामान्य बना रहता है। इसीलिए इस रोटी को मरीजों को प्रतिदिन खाने की सलाह दी जाती है।
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- फोटो : Getty Images
किस तरह से है फायदेमंद
चने के आटे में ग्लिसेमिक इंडेक्स 70 होता है जबकि गेंहू के आटे में 100 के करीब होता है इसलिए चने के आटे का सेवन करने से शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा नियंत्रित रहती है। गेंहू के आटे और चने के आटे को मिलाकर सेवन करने से कोलेस्ट्राल लेवल भी सामान्य रहता है। इसकी मदद से गुड कोलेस्ट्राल बढ़ता है।
चने के आटे में ग्लिसेमिक इंडेक्स 70 होता है जबकि गेंहू के आटे में 100 के करीब होता है इसलिए चने के आटे का सेवन करने से शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा नियंत्रित रहती है। गेंहू के आटे और चने के आटे को मिलाकर सेवन करने से कोलेस्ट्राल लेवल भी सामान्य रहता है। इसकी मदद से गुड कोलेस्ट्राल बढ़ता है।
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lifestyle
दिमाग को शांत रखने में करता है मदद
मिस्सी रोटी के नियमित सेवन से फाइबर की भरपूर मात्रा शरीर को मिलती है। जिसकी वजह से पाचन तंत्र सही रहता है। आयरन और कैल्शियम की भरपूर मात्रा होने की वजह से इसका सेवन दिमाग से तनाव को कम करने में मदद करता है।
मिस्सी रोटी के नियमित सेवन से फाइबर की भरपूर मात्रा शरीर को मिलती है। जिसकी वजह से पाचन तंत्र सही रहता है। आयरन और कैल्शियम की भरपूर मात्रा होने की वजह से इसका सेवन दिमाग से तनाव को कम करने में मदद करता है।