फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

हेल्थ टिप्स: कच्चा या पका केला, सेहत के लिए कौन है ज्यादा फायदेमंद?

Tue, 06 Oct 2026 08:40 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Tue, 06 Oct 2026 08:40 AM IST
सार

कच्चे और पके केले दिखने में एक जैसे होते हैं, लेकिन पकने के साथ इनमें मौजूद स्टार्च और शुगर की संरचना बदल जाती है। पका केला मीठा और आसानी से पचने वाला होता है, जबकि कच्चे केले में प्रतिरोधी स्टार्च अधिक होता है। डायबिटीज वालों को केला चुनते समय खास सावधानी रखनी चाहिए।

विज्ञापन
Raw vs Ripe Banana Which One Is Healthier
केला - फोटो : Freepik.com

केले, भारत में सबसे पसंदीदा फलों में से हैं जो हर मौसम में उपलब्ध होते हैं। केलों को सेहत के लिए कई प्रकार से लाभकारी पाया गया है। इस फल को खाने से होने वाले फायदों को जानने के लिए किए गए अध्ययनों से पता चलता है कि यह आपके कोलेस्ट्रॉल और रक्तचाप को नियंत्रण में रखने में मदद कर सकता है। शरीर में सूजन को कम करने और इसमें इसमें मौजूद फाइबर के कारण पाचन स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए भी केले खाना फायदेमंद माना जाता रहा है।



बाजार में केले दो तरह के मिलते हैं कच्चे और पके हुए। क्या इन दोनों में कोई खास अंतर है? सेहत के लिए कौन से अधिक लाभकारी हो सकते हैं? आइए इस बारे में विस्तार से समझते हैं।

Raw vs Ripe Banana Which One Is Healthier
केले के फायदे - फोटो : Freepil.com

पके केले और इसके फायदे

पके केले सबसे ज्यादा सेवन किए जाते हैं। कच्चे केले की तुलना में पके केले मीठे और स्वाद में बेहतर होते हैं। इनमें लगभग 8 प्रतिशत स्टार्च और लगभग 91 प्रतिशत शुगर की मात्रा होती है। कच्चे केले में मौजूद प्रतिरोधी स्टार्च केले के पकने के साथ साधारण शुगर के रूप में बदल जाता है।
 

  • कच्चे केले की तुलना में पके केले पचाने में आसान होते हैं क्योंकि इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स अधिक होता है।जब केले पूरी तरह से पक जाते हैं, तो वे ट्यूमर नेक्रोसिस फैक्टर (टीएनएफ) नामक पदार्थ का उत्पादन करते हैं और यह यौगिक कैंसर रोधी गुणों के लिए जाना जाता है।
  • हालांकि पके केले, कच्चे की तुलना में अधिक मीठे होते हैं, इसलिए टाइप-2 डायबिटीज वाले लोगों के लिए यह दिक्कतें बढ़ाने वाला हो सकता है।


हालांकि, यही बढ़ी हुई मिठास टाइप-2 डायबिटीज वाले लोगों के लिए चिंता का कारण बन सकती है। ऐसे लोगों को केले की मात्रा और पकने की अवस्था पर ध्यान देना चाहिए।

Raw vs Ripe Banana Which One Is Healthier
केला खाने के फायदे - फोटो : Freepik.com

कच्चे केले में ऐसा क्या खास है?

कच्चा केला आमतौर पर फल की तरह खाने के बजाय सब्जी के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इसकी सबसे खास बात इसमें मौजूद प्रतिरोधी स्टार्च की अधिक मात्रा है। यह स्टार्च सामान्य स्टार्च की तरह पूरी तरह जल्दी नहीं पचता और आंतों तक पहुंच सकता है।
 

  • इसी वजह से कच्चे केले को ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने से रोकने वाली डाइट का हिस्सा माना जाता है। इसमें ऐसे घटक भी पाए जाते हैं जो आंत में अच्छे बैक्टीरिया के लिए उपयोगी हो सकते हैं और पाचन तंत्र की सेहत को सहारा दे सकते हैं।
  • कच्चे केले में करीब 40 प्रतिशत तक स्टार्च हो सकता है। लेकिन यही अधिक स्टार्च कुछ लोगों के लिए परेशानी भी पैदा कर सकता है। इसे खाने के बाद पेट फूलना, गैस या भारीपन जैसी शिकायत हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Raw vs Ripe Banana Which One Is Healthier
डायबिटीज में खान-पान - फोटो : Adobe stock

तो आखिर कौन सा केला ज्यादा फायदेमंद?

आहार विशेषज्ञ कहते हैं, दोनों प्रकार के केले अलग-अलग सेट के लाभ वाले होते हैं। अगर आपको डायबिटीज है तो पके केले से परहेज करना चाहिए है। अपनी सेहत के हिसाब से आप केले का चयन कर सकते हैं। दोनों में एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर होता है, दोनों कई प्रकार के पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं ऐसे में यह आपकी सेहत पर निर्भर करता है कि आपको किस केले का चुनाव करना चाहिए।
 

  • अगर किसी व्यक्ति को डायबिटीज या ब्लड शुगर बढ़ने की समस्या है, तो केले का चुनाव करते समय उसके पकने की अवस्था पर ध्यान देना जरूरी है। पके केले में शुगर की मात्रा ज्यादा होती है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कच्चे केले से अधिक होता है।
  • वहीं, कच्चे केले में प्रतिरोधी स्टार्च ज्यादा होने के कारण ब्लड शुगर पर इसका असर अपेक्षाकृत अलग हो सकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि डायबिटीज वाले हर व्यक्ति के लिए कच्चा केला बिना किसी सीमा के सुरक्षित है। मात्रा और पूरी डाइट दोनों मायने रखते हैं।
     



--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed