Does Protein Powder Affect Digestion: आज के समय में बहुत से ऐसे लोग हैं जो अपने सेहत और फिटनेस के प्रति काफी जागरूक है। यही वजह है कि बहुत से लोग जिम जाते हैं अपनी दिनचर्या में वर्कआउट को भी शामिल करते हैं। फिटनेस के प्रति बढ़ती जागरूकता के चलते प्रोटीन पाउडर का सेवन भी तेजी से बढ़ रहा है।
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Protein Powder: प्रोटीन पाउडर आपके पाचन पर क्या असर डालता है? जानें क्या कहते हैं शोध
Tue, 07 Oct 2025 07:25 PM IST
शिखर बरनवाल
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिखर बरनवाल
Updated Tue, 07 Oct 2025 07:25 PM IST
सार
Side Effects of Protein Powder: आज के समय में बहुत से लोग प्रोटीन पाउडर का सेवन कर रहे हैं। प्रोटीन पाउडर एक ऐसी चीज है जिसके सेवन से कुछ लोगों के पाचन तंत्र पर असर पड़ता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानना चाहिए।
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प्रोटीन पाउडर
- फोटो : freepik.com
प्रोटीन की जरूरत
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लैक्टोज इंटॉलरेंस
कई लोकप्रिय प्रोटीन पाउडर, जैसे कि व्हे प्रोटीन, दूध से बनाए जाते हैं। अगर किसी व्यक्ति को लैक्टोज इंटॉलरेंस है, तो वह दूध में मौजूद लैक्टोज को ठीक से पचा नहीं पाता। ऐसे में व्हे प्रोटीन का सेवन करने पर उन्हें पेट में सूजन, गैस, ऐंठन और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे लोगों के लिए सोया प्रोटीन, मटर प्रोटीन या चावल प्रोटीन जैसे डेयरी-मुक्त विकल्प बेहतर हैं।
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कई लोकप्रिय प्रोटीन पाउडर, जैसे कि व्हे प्रोटीन, दूध से बनाए जाते हैं। अगर किसी व्यक्ति को लैक्टोज इंटॉलरेंस है, तो वह दूध में मौजूद लैक्टोज को ठीक से पचा नहीं पाता। ऐसे में व्हे प्रोटीन का सेवन करने पर उन्हें पेट में सूजन, गैस, ऐंठन और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे लोगों के लिए सोया प्रोटीन, मटर प्रोटीन या चावल प्रोटीन जैसे डेयरी-मुक्त विकल्प बेहतर हैं।
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कब्ज की समस्या
- फोटो : Freepik.com
फाइबर की कमी और कब्ज
प्रोटीन पाउडर में आमतौर पर फाइबर की मात्रा बहुत कम होती है। जब लोग अपने भोजन की जगह प्रोटीन पाउडर शेक लेते हैं, तो उनके आहार में फाइबर की कमी हो जाती है। फाइबर पाचन तंत्र को सुचारू रखने के लिए बहुत जरूरी है और इसकी कमी से कब्ज की समस्या हो सकती है। इसलिए प्रोटीन पाउडर के साथ-साथ फलों, सब्जियों और साबुत अनाज का सेवन करना आवश्यक है।
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प्रोटीन पाउडर में आमतौर पर फाइबर की मात्रा बहुत कम होती है। जब लोग अपने भोजन की जगह प्रोटीन पाउडर शेक लेते हैं, तो उनके आहार में फाइबर की कमी हो जाती है। फाइबर पाचन तंत्र को सुचारू रखने के लिए बहुत जरूरी है और इसकी कमी से कब्ज की समस्या हो सकती है। इसलिए प्रोटीन पाउडर के साथ-साथ फलों, सब्जियों और साबुत अनाज का सेवन करना आवश्यक है।
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प्रोटीन पाउडर
- फोटो : freepik.com
अत्यधिक प्रोटीन का सेवन
शरीर एक बार में एक सीमित मात्रा में ही प्रोटीन पचा सकता है। जब लोग एक बार में बहुत अधिक प्रोटीन का सेवन करते हैं, तो पाचन तंत्र को इसे पचाने में मुश्किल होती है। इससे अपच और पेट में भारीपन महसूस हो सकता है। यह भी देखा गया है कि अत्यधिक प्रोटीन किडनी पर भी दबाव डाल सकता है, हालांकि यह अक्सर लंबे समय तक अत्यधिक सेवन करने से होता है।
शरीर एक बार में एक सीमित मात्रा में ही प्रोटीन पचा सकता है। जब लोग एक बार में बहुत अधिक प्रोटीन का सेवन करते हैं, तो पाचन तंत्र को इसे पचाने में मुश्किल होती है। इससे अपच और पेट में भारीपन महसूस हो सकता है। यह भी देखा गया है कि अत्यधिक प्रोटीन किडनी पर भी दबाव डाल सकता है, हालांकि यह अक्सर लंबे समय तक अत्यधिक सेवन करने से होता है।
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आर्टिफिशियल मिठास
- फोटो : Freepik.com
सिंथेटिक सामग्री
बाजार में उपलब्ध कई प्रोटीन पाउडर में आर्टिफिशियल मिठास, फिलर्स और सिंथेटिक सामग्री मिलाई जाती हैं। ये तत्व संवेदनशील पेट वाले लोगों के लिए पाचन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं। इन एडिटिव्स से पेट में जलन, सूजन और अन्य असुविधाएं हो सकती हैं। इसलिए हमेशा कम से कम एडिटिव्स वाले और अच्छी गुणवत्ता वाले प्रोटीन पाउडर का चुनाव करना चाहिए।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
बाजार में उपलब्ध कई प्रोटीन पाउडर में आर्टिफिशियल मिठास, फिलर्स और सिंथेटिक सामग्री मिलाई जाती हैं। ये तत्व संवेदनशील पेट वाले लोगों के लिए पाचन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं। इन एडिटिव्स से पेट में जलन, सूजन और अन्य असुविधाएं हो सकती हैं। इसलिए हमेशा कम से कम एडिटिव्स वाले और अच्छी गुणवत्ता वाले प्रोटीन पाउडर का चुनाव करना चाहिए।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।