नॉनवेज खाने के शौकीनों के लिए एक बुरी खबर है। अब आपको मीट खाने से पहले कई बार सोचना पड़ सकता है। असल में एक अध्ययन के दौरान विशेषज्ञों ने पाया है कि प्रोसेस्ड मीट का सेवन करना आपको मानसिक रोगों का शिकार बना सकता है। विशेषज्ञों ने पाया है कि जो लोग प्रोसेस्ड मीट ज्यादा खाते हैं उन्हें डेमेंशिया रोग होने का खतरा रहता है। यह ऐसी बीमारी है जिसमें व्यक्ति के सोचने की क्षमता कम हो जाती है।
अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये प्रोसेस्ड मीट क्या है? तो जान लीजिए प्रोसेस्ड वह मांस है जिसे ज़्यादा समय तक ताज़ा रखने के लिए रसायनों के साथ मिलाकर रखा जाता है। आइए इस अध्ययन के बारे में विस्तार से जानते हैं।
मीट के सेवन के प्रभावों को जानने के लिए किए जा रहे अध्ययन में डॉक्टरों ने पाया कि रोजाना थोड़ी मात्रा में भी प्रोसेस्ड मांस खाने से डेमेंशिया का खतरा 44 फीसदी तक बढ़ जाता है। करीब 5 लाख लोगों पर किए गए इस अध्ययन के दौरान विशेषज्ञों ने पाया कि यह मांस मानसिक स्वास्थ्य के लिए काफी नुकसानदायक है। इस अध्ययन को 'अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रीशियन' में प्रकाशित किया गया है। यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स के न्यूट्रीशनल एपिडेमियोलॉजी ग्रुप के वैज्ञानिकों ने 5 लाख लोगों के डेटा का इस्तेमाल किया, जिसमें उन्होंने पाया कि 25 ग्राम प्रोसेस्ड मीट का सेवन भी सेहत के लिए काफी नुकसानकारक है।
नॉनवेज शौकीनों के लिए यहां थोड़ी राहत
हालांकि नॉनवेज शौकीनों के लिए अध्ययन में थोड़ी राहत देने वाली बात भी सामने आई है। विशेषज्ञों के अनुसार सामान्य रूप से यदि आप मांस का सेवन करते हैं तो इसके कई फायदे भी हैं। एक दिन में 50 ग्राम सामान्य मांस का सेवन करने वाले लोगों में डिमेंशिया विकसित होने की संभावना 19 प्रतिशत कम होती है।
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मीट का दुकान
- फोटो : Pixabay
प्रोसेस्ड मीट के और क्या नुकसान हैं?
विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट में इस प्रकार के मांस के सेवन से कई प्रकार के कैंसर का भी खतरा होता है। रिपोर्ट में बताया गया था कि प्रोसेस्ड मीट के सेवन से कोलोरेक्टल (गुदा) कैंसर होने का ख़तरा है। संगठन ने इसके सेवन को सिगरेट की तरह ही खतरनाक बताया था।