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कोरोना वायरस की दूसरी लहर कई तरह से लोगों की चिंता बढ़ाने वाली थी। दूसरी लहर पर अब काफी हद तक काबू पा लिया गया है। अप्रैल-मई में रोजाना संक्रमितों के जो आंकड़े तीन लाख से पार चले गए थे, वह घटकर अब सवा लाख तक आ गए हैं। कोविड की दूसरी लहर का असर जरूर कम हो गया है लेकिन लोगों में पोस्ट कोविड समस्याएं अब भी देखने को मिल रही हैं। पोस्ट कोविड के चलते लोगों को फेफड़े, हृदय सहित स्वास्थ्य की विभिन्न समस्याएं हो रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो कोविड से ठीक हो चुके लोगों को तेजी से फिटनेस प्राप्त करने और पोस्ट कोविड समस्याओं से बचने के लिए रोजाना व्यायाम और योग को जीवनशैली का हिस्सा बना लेना चाहिए। व्यायाम से न सिर्फ आपको पोस्ट कोविड होने वाली समस्याओं का असर कम मालूम होगा साथ ही यह भविष्य में अन्य कई प्रकार की दिक्कतों से शरीर को सुरक्षित रखने में भी काफी सहायक हो सकती हैं।
इस लेख में हम ऐसे ही तीन व्यायामों के बारे में जानेंगे जिनका रोजाना अभ्यास कई मामलों में शरीर के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है।
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सलाह: पोस्ट कोविड समस्याओं को कम करने का रामबाण उपाय, रोजाना करें यह तीन अभ्यास
Sat, 05 Jun 2021 04:41 PM IST
Abhilash Srivastava
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhilash Srivastava
Updated Sat, 05 Jun 2021 04:41 PM IST
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व्यायाम से पाएं तेज कोविड रिकवरी (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : iStock
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गहरी सांस वाले व्यायाम करें
- फोटो : iStock
गहरी सांस वाले व्यायम
गहरी सांस वाले व्यायाम डायाफ्राम फ़ंक्शन को बेहतर बनाने के साथ सांस लेने की क्षमता में सुधार करने में सहायक हो सकते हैं। कई नैदानिक अध्ययनों में विशेषज्ञों ने पाया है कि ऐसे व्यायाम सांस लेने में तकलीफ को कम करने के साथ इससे संबंधित अन्य जटिलताओं को दूर करने में भी सहायक हो सकते हैं। कोविड-19 से ठीक हो चुके लोगों को यह व्यायाम जरूर करने चाहिए। चूंकि कोविड-19 की दूसरी लहर में वायरस ने फेफड़ों के ज्यादा प्रभावित किया है, ऐसे में गहरी सांस वाले व्यायम फेफड़ों के दोबारा मजबूती दिलाने में काफी सहायक हो सकते हैं।
गहरी सांस वाले व्यायाम डायाफ्राम फ़ंक्शन को बेहतर बनाने के साथ सांस लेने की क्षमता में सुधार करने में सहायक हो सकते हैं। कई नैदानिक अध्ययनों में विशेषज्ञों ने पाया है कि ऐसे व्यायाम सांस लेने में तकलीफ को कम करने के साथ इससे संबंधित अन्य जटिलताओं को दूर करने में भी सहायक हो सकते हैं। कोविड-19 से ठीक हो चुके लोगों को यह व्यायाम जरूर करने चाहिए। चूंकि कोविड-19 की दूसरी लहर में वायरस ने फेफड़ों के ज्यादा प्रभावित किया है, ऐसे में गहरी सांस वाले व्यायम फेफड़ों के दोबारा मजबूती दिलाने में काफी सहायक हो सकते हैं।
कपालभाति के तमाम फायदे
- फोटो : social media
कपालभाति प्राणायाम
प्राणायाम को फेफड़ों की क्षमता में सुधार करने, प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने के साथ श्वसन क्रिया में प्रयुक्त नसों को आराम देने वाले सबसे प्रभावी अभ्यासों में से एक माना जाता है। विशेषज्ञ इस आसन को खाली पेट करने की सलाह देते हैं। इस आसन को करने के लिए भी सबसे पहले ध्यानपूर्वक शांत अवस्था में बैठ जाएं और शरीर को एकदम से सीधा रखें। इसके बाद पहले अपनी नाक के दोनों छिद्रों के माध्यम से एक गहरी श्वास लें। अब इसे नाक से तेजी से छोड़ें, इसमें झटके से पेट को अंदर की ओर ले जाएं। सांस छोड़ते समय नाक से छक की आवाज़ होगी। इस क्रिया को कम से कम 10 मिनट तक करते रहें।
प्राणायाम को फेफड़ों की क्षमता में सुधार करने, प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने के साथ श्वसन क्रिया में प्रयुक्त नसों को आराम देने वाले सबसे प्रभावी अभ्यासों में से एक माना जाता है। विशेषज्ञ इस आसन को खाली पेट करने की सलाह देते हैं। इस आसन को करने के लिए भी सबसे पहले ध्यानपूर्वक शांत अवस्था में बैठ जाएं और शरीर को एकदम से सीधा रखें। इसके बाद पहले अपनी नाक के दोनों छिद्रों के माध्यम से एक गहरी श्वास लें। अब इसे नाक से तेजी से छोड़ें, इसमें झटके से पेट को अंदर की ओर ले जाएं। सांस छोड़ते समय नाक से छक की आवाज़ होगी। इस क्रिया को कम से कम 10 मिनट तक करते रहें।
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योग को जीवन का आधार बनाइए
- फोटो : social media
अनुलोम विलोम
अनुलोम विलोम व्यायाम को फेफड़ों से विषाक्त पदार्थों को निकालर उन्हें शुद्ध करने, फेफड़ों में जमा अतिरिक्त द्रव को कम करने के साथ फेफड़ों में ऑक्सीजन युक्त रक्त के प्रवाह को बढ़ावा देने में काफी प्रभावी माना जाता है। इतना ही नहीं यह प्रतिरक्षा और फेफड़ों की क्षमता को बढ़ावा देने में भी सहायक है। इस व्यायाम को करने के लिए शांत मुद्रा में बैठ जाएं। अपनी आंखें बंद करें और दाहिने अंगूठे को नाक के दाहिने छिद्र पर रखें। अब बाईं तरफ से गहरी सांस लें औऱ दाहिनी ओर से छोड़ें। इसी तरह से नाक की दूसरी तरफ से भी सांस लें और छोड़ें।
अनुलोम विलोम व्यायाम को फेफड़ों से विषाक्त पदार्थों को निकालर उन्हें शुद्ध करने, फेफड़ों में जमा अतिरिक्त द्रव को कम करने के साथ फेफड़ों में ऑक्सीजन युक्त रक्त के प्रवाह को बढ़ावा देने में काफी प्रभावी माना जाता है। इतना ही नहीं यह प्रतिरक्षा और फेफड़ों की क्षमता को बढ़ावा देने में भी सहायक है। इस व्यायाम को करने के लिए शांत मुद्रा में बैठ जाएं। अपनी आंखें बंद करें और दाहिने अंगूठे को नाक के दाहिने छिद्र पर रखें। अब बाईं तरफ से गहरी सांस लें औऱ दाहिनी ओर से छोड़ें। इसी तरह से नाक की दूसरी तरफ से भी सांस लें और छोड़ें।
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कोरोना रोगी डॉक्टर की सलाह पर करें योग
- फोटो : iStock
किन्हें नहीं करने चाहिए ऐसे व्यायाम?
विशेषज्ञ कहते हैं कि जिन लोगों में कोविड के हल्के या मध्यम लक्षण हैं, यह सभी व्यायाम उनके लिए बेहद फायदेमंद हैं। हालांकि जिन रोगियों को तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ, पेट या सीने में दर्द की समस्या है, उन्हें ऐसे व्यायाम नहीं करने चाहिए। ऐसे लोगों को इस बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर लेना चाहिए।
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नोट: यह लेख फिटनेस एक्सपर्ट मीनल पाठक के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। मीनल लंबे समय से लोगों को फिटनेस के गुर सिखा रही हैं
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
विशेषज्ञ कहते हैं कि जिन लोगों में कोविड के हल्के या मध्यम लक्षण हैं, यह सभी व्यायाम उनके लिए बेहद फायदेमंद हैं। हालांकि जिन रोगियों को तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ, पेट या सीने में दर्द की समस्या है, उन्हें ऐसे व्यायाम नहीं करने चाहिए। ऐसे लोगों को इस बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर लेना चाहिए।
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नोट: यह लेख फिटनेस एक्सपर्ट मीनल पाठक के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। मीनल लंबे समय से लोगों को फिटनेस के गुर सिखा रही हैं
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