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प्लाज्मा डोनेशन: प्लाज्मा डोनेशन को लेकर है संशय तो एकबार जरूर जान लें विशेषज्ञ द्वारा बताई गई ये बातें
इन दिनों सोशल मीडिया पर प्लाजमा डोनेशन को लेकर कई सारे संदेश आए दिन देखने को मिलते हैं लेकिन प्लाजमा डोनेशन को लेकर आज भी लोग उतना जागरूक नहीं हैं क्योंकि कई लोगों को लगता है कि प्लाज्मा डोनेट करने के बाद उनके शरीर में कमजोरी आ जाएगी या उनको तो कहीं कोई नुकसान नहीं हो जाएगा लेकिन यह सभी बातें सिर्फ इसलिए हैं क्योंकि उनके पास प्लाजमा डोनेशन से जुड़ी सही जानकारी नहीं है, ऐसे में वे किसी की भी कही बात मान लेते हैं लेकिन बहुत जरूरी है कि कोरोना से ठीक हो चुके लोग सही समय पर प्लाज्मा डोनेशन करें ताकि कोरोना संक्रमित व्यक्ति स्वस्थ हो सके। अगली स्लाइड्स से जानिए प्लाज्मा डोनेशन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें।
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वजन 45 किलो से कम न हो
- फोटो : Pixabay
ये लोग आराम से कर सकते हैं प्लाज्मा डोनेट
कोरोना से ठीक हो चुके वे मरीज प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं जिनकी
-उम्र 18 से 60 के बीच की है।
-वजन 45 किलो से कम न हो।
- वे महिलाएं जिन्होंने कभी गर्भधारण न किया हो।
-रक्तदान की शर्तें पूरी करने वाला व्यक्ति।
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15 दिन के भीतर शरीर में एंटीबॉडी भी तैयार हो जाती है
- फोटो : social media
15 दिन के अंतराल में कर सकते हैं डोनेट
प्लाजमा डोनेशन को लेकर सोशल मीडिया पर कई सारे संदेश चल रहे हैं। किसी में कहा जा रहा है कि आप निगेटिव रिपोर्ट आने के 15 दिन बाद तो कुछ कह रहे हैं 45 दिन बाद आप प्लाजमा डोनेट कर सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार शरीर से जब कोरोना के लक्षण पूरी तरह समाप्त हो जाते हैं तो 15 दिन के भीतर शरीर में एंटीबॉडी भी तैयार हो जाती है, ऐसे में निगेटिव रिपोर्ट आने के मात्र 15 दिन बाद आप एंटीबॉडी टेस्ट करवाकर प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं।
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पंद्रह दिन बाद फिर प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं
- फोटो : Instagram
महीने में दो बार कर सकते हैं डोनेट
यदि आपने एक बार प्लाज्मा दे दिया है तो आप पंद्रह दिन बाद फिर प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं, इस बार आपको एंटीबॉडी टेस्ट की भी आवश्यकता नहीं होगी। बस पहले डोनेशन के दौरान हुए एंटीबॉडी टेस्ट की रिपोर्ट आपको चिकित्सक को दिखाना होगी। कोविड निगेटिव रिपोर्ट आने के चार माह बाद तक भी प्लाज्मा आराम से डोनेट किया जा सकता है।
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तैयार एंटीबॉडी मिल जाती है
- फोटो : ANI
प्लाजमा डोनेट करना इसलिए है जरूरी
जो व्यक्ति कोरोना संक्रमण से स्वस्थ हो चुका है, उसके लिए आवश्यक है कि वो प्लाज्मा डोनेट कर दे क्योंकि प्लाज्मा देने से जो व्यक्ति कोरोना वायरस से जूझ रहा है, उसको तैयार एंटीबॉडी मिल जाती है जो कि वायरस से लड़ने में बहुत हद तक प्रभावशाली है। ऐसे में वो जल्दी ठीक होने लगता है। एक बार डोनेट किए गए प्लाजमा को एक तय तापमान पर एक साल तक सुरक्षित भी रखा जा सकता है।
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