अधिक वजन की समस्या शरीर में कई तरह की बीमारियों का कारण बन सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के आंकड़ों के मुताबिक साल 2016 में दुनियाभर में 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के 1.9 बिलियन (करीब 190 करोड़) लोग अधिक वजन की समस्या के शिकार पाए गए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक अधिक वजन की समस्या टाइप-2 डायबिटीज, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर और कई तरह के कैंसर जैसे गंभीर रोगों के खतरे को बढ़ा सकती है। इसी से संबंधित हाल ही में हुए एक अन्य अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया है कि अधिक वजन की समस्या से ग्रसित लोगों को अवसाद यानी कि डिप्रेशन होने का खतरा भी अधिक होता है।
अध्ययन में दावा: डायबिटीज और हृदय रोगों के साथ इस गंभीर बीमारी को भी बढ़ा देती है मोटापे की समस्या
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अधिक वजन और अवसाद की समस्या
अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों ने जानने की कोशिश की, कि आखिर अधिक बीएमआई किस तरह से अवसाद का कारण बन सकती है? शोध के दौरान टीम ने आनुवंशिक विश्लेषणों का उपयोग किया, जिसे 'रैंडमाइजेशन' के रूप में जाना जाता है। इंग्लैंड स्थित एक्सेटर विश्वविद्यालय के नेतृत्व में किए गए इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने 1.45 से अधिक प्रतिभागियों के अनुवांशिक डेटा के साथ मानसिक रोगों के डेटा की जांच की।
जीन के दो सेटों की किया गया विश्लेषण
हाई बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) वाले लोगों में कौन से फैक्टर अवसाद और अन्य मानसिक समस्याएं पैदा कर सकते हैं? यह जानने के लिए वैज्ञानिकों ने जेनिटिक वैरिएंट्स के दो सेटों की जांच की। वैज्ञानिकों ने पाया कि जीन का एक सेट लोगों में मोटापे की समस्या पैदा कर सकता है, हालांकि इन लोगों को मेटाबॉलिज्म की दिक्कतें नहीं होती हैं, जिसका अर्थ है ऐसे लोगों में हाई बीएमआई के कारण मानसिक रोगों के विकसित होने का खतरा कम होता है।
वहीं दूसरे सेट के जीन के अध्ययन से पता चला कि यह लोगों में मोटापे की समस्या विकसित करने के साथ उनके मेटाबॉलिज्म को भी प्रभावित कर देता है, जो कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं के साथ मानसिक रोगों के खतरे को भी बढ़ा देती है।
क्या कहते हैं शोधकर्ता?
यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सेटर मेडिकल स्कूल में प्रोफेसर और अध्ययन के प्रमुख लेखक जेस ओ'लाफलिन कहते हैं, मोटापा और अवसाद दोनों प्रमुख वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियां हैं। यह अध्ययन स्पष्ट करता है कि हाई बीएमआई वाले लोगों में अवसाद की समस्या हो सकती है। हमारे शोध से पता चलता है शारीरिक स्वास्थ्य और सामाजिक कारक दोनों ही अधिक वजन और अवसाद के बीच की कड़ी हो सकते हैं।
क्या है अध्ययन का निष्कर्ष?
अध्ययन के निष्कर्ष में सह-लेखक डॉ फ्रांसेस्को कैसानोवा कहते हैं, इस शोध के दौरान अधिक वजन की समस्या को अवसाद और कई अन्य मानसिक समस्याओं के कारक के रूप में देखा गया है। ऐसे में लोगों के लिए यह आवश्यक हो जाता है कि वह इस गंभीरता को समझें और वजन को कम करने के प्रयास करें। बच्चों में बढ़ती मोटापे की समस्या एक गंभीर चिंता का कारण है, इस बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ परिजनों को विचार करने की आवश्यकता है। बीएमआई की जांच करते रहें, हाई बीएमआई नजर आते ही डॉक्टर से संपर्क कर सलाह जरूर ले लें।
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स्रोत और संदर्भ:
overweight can cause depression
अस्वीकरण नोट: यह लेख 'ह्यूमन मॉलिक्यूलर जेनेटिक्स' जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं।