कोरोना का संक्रमण देश में तेज गति पकड़ रहा है। पिछले 24 घंटे में एक बार फिर से 1500 से अधिक मामले दर्ज किए गए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सोमवार को अपडेट किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश में 1,805 नए कोरोनोवायरस के मामले रिपोर्ट हुए हैं, इसके साथ ही देश में एक्टिव मामलों की संख्या 134 दिनों के बाद पहली बार 10,000 के आंकड़े से ऊपर गई है।
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मौसम में बदलाव के साथ बढ़ता रहा है संक्रमण
अमर उजाला से बातचीत में कोविड केयर एक्सपर्ट डॉ श्रेय श्रीवास्तव बताते हैं, पिछले तीन साल के ट्रेंड को देखें तो पता चलता है कि मौसम में बदलाव के साथ इन्फ्लुएंजा की ही तरह से कोरोना संक्रमण के मामले भी रफ्तार पकड़ लेते हैं। विशेष रूप से जनवरी-अप्रैल और सितंबर-नवंबर के बीच मौसम के परिवर्तन के साथ संक्रमण को बढ़ता हुआ देखा जा सकता है।
इसके अलावा कोरोना के मूल वायरस में हो रहे म्यूटेशन संक्रमण की गति को और भी बढ़ा देते है, यहां ध्यान देने वाली बात यह भी है कि इसके बाद संक्रमण की रफ्तार कम भी हो जाती है।
क्या देश में आ सकती है संक्रमण की एक और लहर
जिस तरह से मार्च के महीने में कोरोना की रफ्तार बढ़ती हुई देखी गई है इससे सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं कि क्या हम संक्रमण की एक और लहर की तरफ बढ़ रहे हैं? डॉ श्रेय कहते हैं, फिलहाल इस तरह की आशंका बिल्कुल नजर नहीं आती है। देश में वैक्सीनेशन के साथ बूस्टर डोज की रेट काफी अच्छी है, इसके अलावा कम से कम एक बार बड़ी संख्या में लोग संक्रमित होकर ठीक भी हो चुके हैं, जिसके कारण हर्ड इम्युनिटी विकसित हो गई है।
यह कोरोना के खतरे से बचाने विशेषकर लोगों में गंभीर रोग के खतरे कम कम करने में मदद करती है। ऐसे में एक और लहर आ सकती है, इसकी आशंका बिल्कुल कम है।
नए वैरिएंट्स से सावधानी बरतने की जरूरत
साल 2021 की शुरुआत में कोविड-19 की घातक और सबसे खतरनाक लहर आई थी, इसके लिए डेल्टा वैरिएंट को एक कारण माना जा रहा था। हालांकि, XBB.1.16 वैरिएंट की प्रकृति के अध्ययन में पाया गया है कि भले ही यह डेल्टा वैरिएंट जितना खतरनाक नहीं है पर इसकी संक्रामकता दर काफी अधिक हो सकती है। इसके अलावा यह वैरिएंट कम समय में अधिक लोगों को संक्रमित करने की क्षमता रखता है जिसके कारण संक्रमण के मामलों में तेजी से वृद्धि हो सकती है।
कोरोना के आ रहे सभी नए वैरिएंट्स की संक्रामकता दर अधिक देखी जा रही है।
बचाव के उपाय और वैक्सीनेशन जरूरी
नए वैरिएंट्स के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को जल्द से जल्द वैक्सीन की तीसरी खुराक लेने और कोरोना से बचाव के लिए सभी आवश्यक उपायों का पालन करते रहने की सलाह दे रहे हैं। जिन लोगों का टीकाकरण हो चुका है उनमें संक्रमण की स्थिति में गंभीर रोग का खतरा कम देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों के मानना है कि एक बार मौसम के स्थिर होते ही कोरोना की रफ्तार में कमी आने की संभावना है, तब तक सभी लोगों को बचाव के उपायों का गंभीरता से पालन करते रहना जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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