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Long Covid: क्या इसका जोड़ों पर भी हो सकता है दुष्प्रभाव, कई लोगों में देखे गए इस तरह के लक्षण

Wed, 29 Mar 2023 12:07 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Wed, 29 Mar 2023 12:07 PM IST
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लॉन्ग कोविड में हड्डियों की समस्या - फोटो : iStock

देश में इन दिनों कोरोना संक्रमण के मामलों में उछाल देखा जा रहा है। करीब पांच महीने बाद ऐसे हालात हो गए हैं जिसमें संक्रमण के दैनिक मामले लगातार 1500 से ऊपर बने हुए हैं। इसके लिए फिलहाल कोरोन के ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट XBB.1.16 को प्रमुख कारण माना जा रहा है। कोरोना के बढ़ते केस के साथ-साथ लोगों में लॉन्ग कोविड का खतरा भी बड़ी चुनौती बनी है, जिसमें संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों को कई प्रकार की स्वास्थ्य जटिलताएं हो रही हैं।



हाल ही में एक रिपोर्ट में वैज्ञानिकों ने बताया कि लॉन्ग कोविड के कुछ रोगियों को फेस ब्लाइंडनेस की समस्या हो रही है जिसके कारण उनके लिए अपने परिचितों को पहचानना तक कठिन हो रहा है। इसके साथ एक अन्य रिपोर्ट में कई लोगों में पोस्ट कोविड के कारण घुटने-जोड़ों में दिक्कतें भी बढ़ी पाई गई है। आइए जानते हैं कि क्या कोरोना वायरस दीर्घकालिक रूप से इस तरह की समस्याओं का भी कारण बन सकता है?

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कोरोना से ठीक होने के बाद भी हो रही हैं कई तरह की दिक्कतें - फोटो : Istock

लॉन्ग कोविड में होने वाली दिक्कतें
 
आमतौर पर लॉन्ग कोविड में माना जा रहा था कि रोगियों को थकान-सांस की समस्या, हृदय रोग जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। पर पोस्ट कोविड की दिक्कतें बस यहीं तक सीमित नहीं हैं। यह जोड़ों-हड्डियों में दर्द और सूजन जैसी समस्याओं का भी कारण बन रहा है। आश्चर्यजनक रूप से कई ऐसे मामले भी देखे गए हैं जिसमें व्यक्ति को पहले हड्डियों से संबंधित कोई दिक्कत नहीं थी पर कोरोना से ठीक होने के बाद इस तरह के लक्षण परेशान करने लगे हैं।

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आर्थराइटिस की समस्या और बचाव के तरीके - फोटो : istock

बढ़ गया है आर्थराइटिस होने का जोखिम

अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि कोविड-19 से ठीक होने के बाद रि-एक्टिव आर्थराइटिस होने का जोखिम बढ़ सकता है। आर्थराइटिस के अलावा कई लोगों ने एंथेसाइटिस और पीठ के निचले हिस्से में दर्द-सूजन की भी शिकायत की। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि कोरोना संक्रमण के दौरान एंडोथेलियल सेल डैमेज और प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया के कारण कई लोगों में इंफ्लामेशन की समस्या हो गई है।

लॉन्ग कोविड के रूप में इसके कारण मांसपेशियों में दर्द और जोड़ों से संबंधित दिक्कतों का खतरा भी हो सकता है। वहीं जिन लोगों को पहले से ही गठिया के लक्षण थे, उनमें इसके बढ़ने की समस्या भी देखी गई है।

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जोड़ों-मांसपेशियों में दर्द और हड्डियों से संबंधित दिक्कत - फोटो : istock

क्या है विशेषज्ञों की सलाह?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं संक्रमण से ठीक होने के तीन-छह माह और कुछ लोगों में एक साल तक भी लॉन्ग कोविड के जोखिम बने हुए देखे जाते रहे हैं। यदि आप भी कोविड के शिकार रहे हैं और ठीक होने के बाद जोड़ों-मांसपेशियों में दर्द और हड्डियों से संबंधित किसी भी तरह की दिक्कत का अनुभव कर रहे हैं, तो इसे लॉन्ग कोविड की जटिलताओं के रूप में देखते हुए जल्द से जल्द किसी चिकित्सक से मिलकर इलाज लें। गठिया की समस्या समय के साथ बढ़ती जाती है।

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लॉन्ग कोविड में होने वाली दिक्कतें - फोटो : istock

संक्रमण से ठीक होने के बाद स्वस्थ दिनचर्या का करें पालन
 
मेडिकल रिपोर्ट्स में पाया गया है कि वैसे तो लॉन्ग कोविड के ज्यादातर मामले स्वत: कुछ समय में ठीक हो जाते हैं पर कुछ स्थितियों में इसके दीर्घकालिक होने का भी खतरा रहता है। संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों के दिनचर्या को ठीक रखने पर विशेष ध्यान देते रहने की आवश्यकता है। आहार और जीवनशैली को ठीक रखकर इस तरह की कई समस्याओं के जोखिम को कम किया जा सकता है। नियमित व्यायाम हड्डियों-मांसपेशियों को स्वस्थ रखने में मदद करती है।   




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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
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