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New Year Resolution: स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण रहा ये साल, इन गलतियों से सीख लेकर साल 2024 को बनाएं सेहतमंद

Sun, 24 Dec 2023 07:12 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Sun, 24 Dec 2023 07:12 PM IST
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New year Resolution 2024 know health lessons that we learned in 2023
new year resolution health - फोटो : istock

साल 2023 में अब बस कुछ ही दिन शेष रह गए हैं, जल्द ही हम नए साल में कदम रखने जा रहे हैं। ऐसे में इस साल की घटनाओं पर एक नजर डालें तो पता चलता है कि पूरा साल हमारी सेहत के नजरिए से काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। हृदय रोगों से मौत का खतरा हो या साल के मध्य में डेंगू-मलेरिया के बढ़े हुए मामले, अक्तूबर-नवंबर में चीन में फैले निमोनिया को लेकर डर से लेकर साल के अंत में कोरोना के फिर से बढ़े केस, इस पूरे साल ने हर बार हमारी सेहत की परीक्षा ली है। 



साल 2023 चैलेंजिंग जरूर रहा है लेकिन इसने हमें अपने स्वास्थ्य के बारे में कुछ मूल्यवान सबक भी सिखाए हैं। ये आने वाले वर्षों में सेहत को ठीक रखने में हमारे लिए मददगार साबित हो सकते हैं। इस साल जो गलतियां हमने की है, उनसे सीख लेते हुए आने वाले वर्षों में शरीर को स्वस्थ और फिट रखा जा सकता है।

आइए साल 2023 से सेहत को लेकर मिली सीख पर नजर डालते हैं और नए साल में इनका गंभीरता से पालन करने का प्रण लेते हैं।

New year Resolution 2024 know health lessons that we learned in 2023
योग-व्यायाम की बनाएं आदत - फोटो : istock

व्यायाम-स्वस्थ जीवन का मूल मंत्र 

शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ हमें अपनी दिनचर्या और जीवनशैली में स्वस्थ बदलाव की सलाह देते हैं। योग-व्यायाम इसकी पहली कड़ी हैं। साल 2023 में कोरोना से हटी पाबंदियों के बाद लोगों ने अपनी दिनचर्या में जिम-व्यायाम पर ध्यान दिया। ये आदत शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की सेहत को ठीक रखने के लिए बहुत आवश्यक है। 

नियमित व्यायाम हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने और क्रोनिक बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद करता है। इससे हमारा मूड भी बेहतर होता है। शारीरिक रूप से सक्रिय रहना हमारे समग्र स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।

साल 2024 में भी बेहतर सेहत के लिए व्यायाम को दिनचर्या का हिस्सा जरूर बनाएं।

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स्वस्थ और पौष्टिक आहार का करें सेवन - फोटो : istock

आहार से शरीर रहता है स्वस्थ

कोरोना महामारी, डेंग के बढ़ते मामलों ने हमारी इम्युनिटी सिस्टम की जम के परीक्षा ली। इसने हमें संतुलित आहार का महत्व भी सिखाया। कोरोना के दौरान घर पर अधिक समय बिताने के कारण, घर पर बने भोजन की लोगों को आदत हुई और फास्ट फूड्स का सेवन कम हुआ। इसे हमें आने वाले वर्षों में भी जारी रखना होगा।

स्वस्थ और पौष्टिक आहार, शरीर को ताकत देने के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, भोजन की थाली में रंग-बिरंगी सब्जियों-फलों को भरपूर मात्रा में शामिल करके सेहत के ठीक रखा जा सकता है। 

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New year Resolution 2024 know health lessons that we learned in 2023
स्ट्रेस-एंग्जाइटी की समस्या - फोटो : istock

मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियां

कोरोना महामारी के बाद से मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं में भारी उछाल देखा जा रहा है। कम उम्र के लोग भी स्ट्रेस-एंग्जाइटी और डिप्रेशन के शिकार पाए जा रहे हैं। ये संपूर्ण सेहत के लिए काफी चुनौतीपूर्ण स्थिति हो सकती है। मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियों ने हमें अपने लोगों की पहचान कराई, रिश्तों में मजबूती भी आई।

हालांकि चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं। साल 2024 में भी मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखने पर ध्यान देने की जरूरत है। अच्छे दोस्त बनाएं, दिनचर्या को ठीक रखें और व्यवहार में विनम्रता लाएं, ये आपके मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए जरूरी है।

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New year Resolution 2024 know health lessons that we learned in 2023
स्मोकिंग बहुत नुकसानदायक - फोटो : pixabay

शराब और धूम्रपान को कहें न

साल 2023 में हृदय रोग और इससे संबंधित समस्याओं ने सबसे ज्यादा परेशान किया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पाया कि लाइफस्टाइल की गड़बड़ी के अलावा जिन कारणों से ये दिक्कतें सबसे ज्यादा बढ़ीं उनमें शराब और धूम्रपान प्रमुख कारक थे। ये दो आदतें सिर्फ हृदय ही नहीं, संपूर्ण स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करने वाली हो सकती हैं।

साल 2024 में इनसे बिल्कुल दूरी बनाकर रखने की प्रण लें। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि शराब और धूम्रपान को बिल्कुल छोड़ दें तो करीब 40 फीसदी बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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