साल 2023 अब अपने आखिरी सप्ताह में पहुंच गया है, जल्द ही हम नए साल 2024 में प्रवेश करने जा रहे हैं। इस पूरे साल पर एक नजर डालें तो पता चलता है कि यह कई प्रकार से सेहत के लिए चुनौतियों से भरा हुआ रहा है। हृदय रोग-हार्ट अटैक के मामले हों या मच्छरजित रोग डेंगू के कारण अस्पतालों में बढ़ी भीड़ और फिर साल के आखिर में कोरोना के नए JN.1 सब-वैरिेएंट के कारण कई देशों में तेजी से बढ़ते संक्रमण के मामले, साल 2023 समय-समय पर सेहत की परीक्षा लेता रहा है।
New Year Resolution: चाहते हैं सेहतमंद रहे आने वाला साल तो 2023 के साथ इन आदतों को भी कहें 'अलविदा'
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आहार में सुधार जरूरी
शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का निर्माण करना सतत प्रक्रिया है जिसके लिए निरंतर प्रयास की आवश्यकता होती है। पौष्टिक आहार की इसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। हालांकि शोधकर्ताओं ने पाया कि अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों जैसे चिप्स, कुकीज, प्रोसेस्ड अनाज के साथ जंक-फास्ट फूड्स का अधिक सेवन हमारी इम्युनिटी को कमजोर कर देते हैं।
इसमें पौष्टिकता न के बराबर होती है, जबकि इनके अधिक सेवन से शरीर में इंफ्लामेशन का जोखिम रहता है। शरीर को रोगमुक्त रखने के लिए नए साल में प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन कम से कम करने का संकल्प लें।
तनाव के कारण हो रहा है नुकसान
आहार के बाद हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को सबसे ज्यादा क्षति अत्यधिक तनाव के कारण हो रही है। सामाजिक स्तर पर बढ़ती नकारात्मक परिस्थितयों के चलते कम उम्र में ही स्ट्रेस-एंग्जाइटी और डिप्रेशन के मामले बढ़ रहे हैं। स्ट्रेस की स्थिति में शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन उत्पादित होता है जिसकी अधिकता शरीर में इंफ्लामेशन बढ़ाने लगती है जो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। स्वस्थ रहने के लिए तनाव को कम करने वाले उपाय करना बहुत आवश्यक है।
नींद से न करें समझौता
हालिया अध्ययनों में पाया गया है कि स्वस्थ शरीर के लिए पौष्टिक आहार और नियमित व्यायाम की तरह ही अच्छी नींद लेना भी बहुत आवश्यक है। हालांकि हमारे व्यस्त जीवन में नींद, अक्सर कम प्राथमिकता वाली होती जा रही है। इसका हमारे स्वास्थ्य और वायरस और बीमारी से लड़ने की क्षमता पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप बूढ़े हैं या जवान, रात को अच्छी नींद लेना सभी के लिए महत्वपूर्ण है।
शोध में पाया गया है कि जिन लोगों की नींद रोजाना 7-8 घंटे की नहीं पूरी होती है वह अधिक बीमार पड़ते हैं।
शराब और धूम्रपान सबसे बड़े शत्रु
आखिर लेकिन सबसे महत्वपूर्ण, हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य और इम्युनिटी का सबसे बड़ा दुश्मन है शराब और धूम्रपान। शराब पीने से हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है। ये वायरस और बीमारियों से लड़ना हमारे लिए कठिन बना देती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, शराब की थोड़ी मात्रा भी सुरक्षित नहीं है।
इसी तरह से धूम्रपान भी आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए खतरनाक है और कई प्रकार के कैंसर का कारक भी है। इन दोनों आदतों से दूरी बनाकर आप न सिर्फ इम्युनिटी को मजबूत कर सकते हैं साथ ही स्वस्थ और फिट भी रह सकते हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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