देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में पिछले कुछ दिनों से एक बार फिर से उछाल देखा गया है। विशेषकर राजधानी दिल्ली के आंकड़े काफी परेशानी बढ़ाने वाले हैं। पिछले एक सप्ताह से यहां रोजाना दो हजार से अधिक नए केस दर्ज किए जा रहे हैं, पॉजिटिविटी रेट भी 17 फीसदी के पार हो गई है, यह इस साल जनवरी के बाद अब तक सबसे अधिक है। दैनिक मामलों के साथ दिल्ली में कोरोना से मरने वालों की संख्या में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में अगस्त के महीने में अब तक कोविड के कारण 40 से अधिक मौतें हो चुकी है। यह जुलाई और अगस्त के पहले दस दिनों की तुलनात्मक रिपोर्ट है, जिसमें मृत्यु के आंकड़े तीन गुना तक अधिक देखे गए हैं।
Centaurus: दिल्ली में सामने आया कोरोना का नया 'अति संक्रामक' रूप, जानिए यह पिछले वैरिएंट्स से कितना खतरनाक?
ओमिक्रॉन का नया सबवेरिएंट बीए 2.75
एलएनजेपी अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ सुरेश कुमार ने एएनआई को बताया कि कोरोना के नए सब-वैरिएंट्स के सामने आने का दौर जारी है। इस बार सामने आए कोरोना के इस नए रूप को अब तक सबसे संक्रामक माने जा रहे ओमिक्रॉन BA.5 से भी तेज फैलने वाला पाया गया है। संक्रामकता की बात करें तो ओमिक्रॉन के अन्य वैरिएंट्स की तरह यह वैक्सीनेशन करा चुके या फिर जो पहले कोविड से संक्रमित रह चुके लोगों को भी अपना शिकार बना सकता है। एंटीबॉडीज को भेदने की क्षमता इस सब-वैरिएंट की अधिक देखी गई है।
BA.2.75 मेजर इम्यून स्केप वाला वैरिएंट
BA-2.75 वैरिएंट का अब तक वैसे तो कोई आधिकारिक नामकरण नहीं किया गया है, फिलहाल बोलचाल के लिए इसे 'सेंटोरस' के नाम से जाना जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, फिलहाल BA.2.75 जिस रफ्तार से फैल रहा है वह कम नजर आ रहा है, पर यह रफ्तार तेज हो सकती है। कोरोना का यह रूप इससे पहले कुछ यूरोपियन देशों में भी देखा गया था।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन कहती हैं BA.2.75 मेजर इम्यून स्केप वाला हो सकता है, जिसका अर्थ है यह प्रतिरक्षा प्रणाली को आसानी से चकमा देने वाले म्यूटेशन वाला वैरिएंट है। इसकी यह क्षमता लोगों में तेजी से संक्रमण बढ़ाने का कारण हो सकती है।
BA.5 की तुलना में कितना खतरनाक?
BA-2.75 वैरिएंट को लेकर किए गए प्रारंभिक अध्ययन में पाया गया कि BA.5 और मूल BA.2 की तुलना में यह इफेक्टिव रिप्रोडक्शन नंबर्स (Re) वाला हो सकता है। जिससे यह चिंता भी बढ़ रही है कि यह जल्द ही BA.5 को पछाड़ कर सबसे संक्रामक वैरिएंट के तौर पर उभर सकता है।
इसमें BA.2 और BA.4/5 के तुलना में एस प्रोटीन में चार म्यूटेशन देखे गए हैं। इन म्यूटेशन्स के कारण इसका तेजी से लोगों को संक्रमित करने की क्षमता बढ़ जाती है। इस सब-वैरिएंट की प्रकृति को जानने के अध्ययन किए जा रहे हैं, जिसके आधार पर इसकी संक्रामता दर को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।
क्या गंभीर रोग का बन सकता है कारण?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सबवेरिएंट BA.2.75 के वायरोलॉजिकल गुणों को लेकर अध्ययन में इसकी अधिक संक्रामकता के बारे में पता चला है, पर इसके अधिक गंभीर रोग पैदा करने की आशंका कम है। जो लोग पहले से ही कोमोरबिडिटी के शिकार हैं या फिर जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है उनमें इसके संक्रमण के कारण गंभीर समस्याओं का खतरा जरूर हो सकता है। इस सब-वैरिएंट से बचाव के लिए मास्क पहनना और कोविड एप्रोपिएट बिहेवियर का पालन करना बहुत आवश्यक है। सभी लोगों को इस बात का विशेष ख्याल रखने की आवश्यकता है।
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स्रोत और संदर्भ
eatures of the newly emerging SARS-CoV-2 Omicron BA.2.75 subvariant
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