भारत में कोरोना महामारी के खिलाफ टीकाकरण अभियान काफी तेजी से चल रहा है। देश में 16 जनवरी से कोरोना का टीकाकरण अभियान शुरू हुआ था और अब तक देशभर में कुल तीन करोड़ 29 लाख से अधिक कोरोना के टीके लगाए जा चुके हैं और भारत इस अभियान में एक के बाद एक कामयाबियां हासिल करता जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि सोमवार को देशभर में तीस लाख 39 हजार से अधिक टीके लगाए गए और यह एक दिन में टीकाकरण का नया रिकॉर्ड है। वैसे फिलहाल तो यहां दो ही कंपनियों की वैक्सीन का इस्तेमाल हो रहा है, पहली सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड और दूसरी भारत बायोटेक की कोवैक्सीन। अब लग रहा है कि भारत को जल्द ही कोरोना की तीसरी वैक्सीन भी मिल जाएगी।
क्या भारत को अब मिल जाएगी कोरोना की तीसरी वैक्सीन? 'स्पूतनिक-वी' के तीसरे चरण का ट्रायल पूरा
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दरअसल, भारत में रूसी कोरोना वैक्सीन 'स्पूतनिक-वी' के तीसरे चरण का ट्रायल पूरा हो गया है। हैदराबाद स्थित मशहूर दवा कंपनी डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज ने बताया कि इस वैक्सीन के तीसरे चरण का परीक्षण 1500 लोगों पर किया गया। डॉ. रेड्डीज लैब भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) से मंजूरी मिलने के बाद भारत में इसका ट्रायल शुरू किया था।
द हिंदू बिजनेस लाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, 'स्पूतनिक-वी' के तीसरे चरण के ट्रायल के नतीजे अगले महीने यानी अप्रैल में आ जाएंगे और माना जा रहा है कि यह भारत की तीसरी ऐसी कोरोना वैक्सीन हो सकती है, जिसका इस्तेमाल यहां किया जाएगा।
फिलहाल भारत में कोरोना टीकाकरण अभियान का दूसरा चरण चल रहा है, जिसमें बुजुर्गों और 45 साल से ऊपर के वैसे लोगों को टीका लगाया जा रहा है जो किसी न किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, सिर्फ 15 दिन में ही टीका लगवा चुके 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों की संख्या एक करोड़ से अधिक हो गई है। सरकार लगातार यह सलाह दे रही है कि 45 से अधिक उम्र के लोग, जो पूर्व निर्धारित बीमारियों से ग्रसित हैं, वे कोरोना का टीका जरूर लगवाएं।