Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi
जनरल फिजिशियन, चाइल्डकेयर हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, डिप्लोमा सी.एच
अनुभव- 25 वर्ष
जब से हमारे बीच कोरोना वायरस महामारी आई है, तब से इसने हर किसी को परेशान कर रखा है। जहां एक तरफ काफी संख्या में इससे लोग संक्रमित हुए, तो वहीं दूसरी तरफ ये वायरस अब तक काफी लोगों की जान भी ले चुका है। हालांकि, डॉक्टर्स ने कई लोगों को इस वायरस से बचाकर ठीक भी किया है। संक्रमित होने के अलावा कोरोना को मात देकर घर लौटने वाले लोगों की संख्या भी काफी अच्छी है। लेकिन हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि कोरोना काफी खतरनाक है, इसलिए कोविड-19 के सभी नियमों का पालन करना चाहिए लेकिन क्या आप जानते हैं कि कोरोना के अलावा भी दुनिया में कई ऐसी बीमारियां हैं, जिन्हें काफी खतरनाक माना जाता है? शायद नहीं, तो चलिए इस नेशनल डॉक्टर्स डे आपको कुछ ऐसी ही बीमारियों के बारे में बताते हैं जो जानलेवा हैं। हम इन बीमारियों के बारे में अगली स्लाइड्स में जानेंगे...
National Doctors Day 2021: डॉक्टर ने माना है इन चार बीमारियों को सबसे खतरनाक, जानें इनके बारे में सबकुछ
स्टोनमैन सिंड्रोम
- स्टोनमैन सिंड्रोम भले ही दुर्लभ बीमारी है, लेकिन ये गंभीर बीमारी है। इसमें मरीज की जब हड्डी टूट जाती है, तो फिर वो सही जगह जुड़ नहीं पाती है। यही नहीं, कई बार हड्डी के गलत जगह जुड़ने की वजह से काफी दर्द का भी सामना करना पड़ता है। वहीं, मौजूदा समय में इसका कोई इलाज भी मौजूद नहीं है। स्टोनमैन सिंड्रोम को फाइब्रोडिस्प्लासिया ऑसिफिकन्स प्रोग्रेसिवा यानी एफओपी रोग भी कहा जाता है।
चगास रोग
- चगास रोग एक परजीवी रोग है जो ट्रिपैनोसोमा क्रूजी के कारण होता है। इसमें व्यक्ति सोते समय किसिंग बग का शिकार हो जाता है। इससे मुंह के पास घाव हो जाता है। इसके अलावा ये बीमारी व्यक्ति के तंत्रिका तंत्र को भी प्रभावित करती है, जिसके कारण शरीर में खून का संचार सही से नहीं हो पाता है और इसके कारण ही समस्याएं पैदा होने लगती है। हालांकि, इस बीमारी के लिए अब कुछ दवाएं उपलब्ध हैं, जबकि पहले ऐसा नहीं था।
एक्सरोडरमा पिग्मेटोसम
- एक्सरोडरमा पिग्मेटोसम त्वचा की बीमारी है। सूरज की रोशनी की वजह से ये बीमारी होती है। मरीज की त्वचा पर धूप पड़ जाए, तो उसकी त्वचा पर जलन और खुजली होने लगती हैं। साथ ही छाले भी पड़ जाते हैं। मौजूदा समय में इस बीमारी का कोई इलाज उपलब्ध नहीं है।
मोटर न्यूरॉन
- मोटर न्यूरॉन बीमारी की वजह से मरीज की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचता है, साथ ही शरीर के कई अन्य अंग भी काम करना बंद कर देते हैं। इसके अलावा खाना निगलने और सांस लेने जैसी दिक्कतें भी मरीज को होती है। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग इस बीमारी की चपेट में आते हैं, उनमें से केवल पांच फीसदी लोग ही बच पाते हैं। इसलिए इसे काफी घातक बीमारी माना जाता है।
नोट: डॉ. राजन गांधी अत्याधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह आईसीएचएच से वह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है।
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