तपती जलती गर्मी से राहत पाने के लिए सभी को मानसून का बेसब्री से इंतजार रहता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह अपने साथ कई गंभीर रोग भी लेकर आता है। इस मौसम को संक्रमण का मौसम माना जाता है। इसी दौरान लोगों को सबसे ज्यादा वायरल बुखार और स्किन प्रॉब्लम्स होती हैं। आइए जानते हैं मानसून में होने वाली त्वचा संबंधी रोगों के बारे में...
मौसम के बदलने के साथ हर लड़का और लड़की डैंड्रफ से बहुत परेशान होता है। दरअसल, बारिश का गंदा पानी सिर में नमी बढ़ाता है और ऐसे में बालों में बैक्टीरियल इन्फेक्शन होने का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में अपने बालों को बारिश के पानी से बचाएं। जब भी घर से निकले रेन कोट या छाता हमेशा अपने साथ रखें।
बारिश के दिनों में बहुत सारे लोग सोरायसिस की चपेट में आ जाते हैं। इस बीमारी में त्वचा पर एक मोटी परत जम जाती है। कई लोगों में यह बीमारी आनुवांशिक होती है तो कुछ रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण इसके शिकार हो जाते हैं। कोशिश करें विटामिन ए को डाइट में शामिल करें। सोरायसिस का कोई लक्षण दिखाई दे तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
मानसून में बहुत सारे लोग पैरों में फंगल इन्फेक्शन की शिकायत करते नजर आते हैं। त्वचा रोगों से बचने के लिए इस मौसम में जूते न पहनकर सैंडल पहनें। इसके अलावा दिन में दो बार अपने पैर धोकर साफ जरूर करें।
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cold cough
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अक्सर मौसम बदलते ही लोग सबसे पहले सर्दी जुकाम की चपेट में आते हैं। ऐसा इम्यून सिस्टम कमजोर होने की वजह से होता है। सर्दी लगने पर व्यक्ति के सिर और बदन में दर्द रहने के साथ वो चिड़चिड़ा भी महसूस करता है। ऐसे में साफ-सफाई ही इस रोग से बचने का सबसे अच्छा उपाय है।